
जबलपुर। तृतीय वर्ग कर्मचारी संगठन के बैनर तले आज 20 जुलाई को जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष पहुंचकर कर्मचारियों ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व प्रांतीय अध्यक्ष अतुल मिश्रा और जिला अध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने विशेष रूप से किया। ज्ञापन सौंपने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा विभाग के अंतर्गत काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों के लंबे समय से लंबित पड़े प्रशासनिक, वित्तीय और सेवा संबंधी मामलों का त्वरित और संतोषजनक निराकरण करवाना था ताकि मैदानी अमले को किसी भी प्रकार की मानसिक या आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों के शेष रह गए 12 वर्षीय क्रमोन्नति आदेश तथा उच्च माध्यमिक शिक्षकों के समयमान वेतनमान के आदेश बिना किसी विलंब के जारी करने की पुरजोर मांग उठाई गई। इसके साथ ही हर महीने की अंतिम तारीख को 12 वर्ष और 24 वर्ष की सेवा अवधि पूरी कर रहे प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षकों के क्रमोन्नति और समयमान वेतन प्रस्ताव अनिवार्य रूप से जमा करने की प्रक्रिया को सुचारू बनाने पर जोर दिया गया। प्रगत शैक्षिक संस्थान में अध्ययनरत छात्राध्यापकों को 16 जून से ई-अटेंडेंस लगाने के नाम पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने और उनकी क्रमोन्नति रोकने तथा कारण बताओ नोटिस जारी करने के तानाशाही रवैये को तुरंत प्रभाव से निरस्त करने की सख्त मांग की गई क्योंकि एप्लीकेशन में शनिवार का अवकाश प्रदर्शित न होने और नेटवर्क की गंभीर समस्याओं के कारण कर्मचारियों को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है।
गोपनीय चरित्रावली को लेकर सवाल
शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शिक्षा विभाग के सभी संवर्गों की पदोन्नति प्रक्रिया में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए इसे शीघ्र पूरा करने की मांग की गई ताकि गोपनीय चरित्रावली के नाम पर शिक्षकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इसके अतिरिक्त जिले में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों की कार्रवाई तत्काल शुरू करने, जनशिक्षक और बीएसी को हर महीने की 1 तारीख को समय पर वेतन भुगतान करने तथा सहायक शिक्षक एवं शिक्षक के 30 वर्ष एवं 35 वर्ष की सेवा पूरी होने पर क्रमोन्नति आदेश अतिशीघ्र जारी करने की मांग रखी गई। इस दौरान प्रमुख रूप से रत्नेश मिश्रा, एस के प्रधान, केके डेहरिया, अभिषेक मिश्रा, राजभान हल्दकर, राजकुमार सिंह और माधव पांडे सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने का पूर्ण आश्वासन दिया है।
