
जबलपुर। जिले के पाटन थाना क्षेत्र के शाहपुरा रोड स्थित यूनियन बैंक के समीप किराना दुकान संचालक 27 वर्षीय सिद्धांत नायक के साथ बीते 17 जुलाई 2026 की शाम को धोखाधड़ी का प्रयास किया गया। दुकान पर पहुंचे घमापुर निवासी अंशुल कांगले ने घर में कार्यक्रम का बहाना बनाया और 2 जार तुलसी तेल, 2 पेटी तेल, एक बोरी शक्कर व 2 बोरी चावल का आर्डर दिया। कुल 14140 रुपये का सामान लेने के बाद अंशुल ने फोन पे के माध्यम से भुगतान करने का दावा किया और सिद्धांत को अपने मोबाइल पर पेमेंट सक्सेस का एक संदेश दिखाया। दुकानदार को संदेह हुआ तो उसने तुरंत अपने बैंक खाते और यूपीआई ऐप की जांच की, जिसमें कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई थी।
फर्जी एप से किया भुगतान का नाटक शुरू
दुकानदार द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी के पास कोई वैध ट्रांजैक्शन आईडी नहीं मिली। जांच में यह सामने आया कि अंशुल ने किसी मोबाइल ऐप के जरिए फर्जी और कूटरचित डिजिटल संदेश तैयार किया था, ताकि दुकानदार को झांसा देकर सामान बिना भुगतान किए हासिल कर सके। जैसे ही आरोपी सामान लेकर खिसकने लगा, सिद्धांत ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी अंशुल कांगले के विरुद्ध बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 62 और आईटी एक्ट की धारा 66 डी के तहत गंभीर अपराध दर्ज कर लिया है। यह घटना साबित करती है कि डिजिटल लेनदेन करते समय दुकानदार को कितना सतर्क रहने की आवश्यकता है। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुट गई है। इस तरह के साइबर अपराधी अक्सर सीधे-सादे दुकानदारों को अपना निशाना बनाते हैं ताकि बिना पैसे दिए कीमती सामान ले जा सकें। मामले की विवेचना जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने पहले भी कहीं ऐसी ठगी तो नहीं की है। वर्तमान में पुलिस इस बात पर जोर दे रही है कि कोई भी दुकानदार केवल स्क्रीनशॉट देखकर सामान न दे, बल्कि अपने बैंक खाते में राशि जमा होने की पुष्टि जरूर करें। कानून ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और विभाग ने आम नागरिकों से भी डिजिटल ठगी के प्रति सावधान रहने की अपील की है।
