
जबलपुर। मध्य प्रदेश कांग्रेस में अनुशासनहीनता और आंतरिक कलह पर लगाम लगाने के लिए अब एक बड़ा कदम उठाया गया है। पार्टी ने संगठन के भीतर सक्रिय उन स्लीपर सेल सदस्यों और पदाधिकारियों की पहचान करने का अभियान शुरू किया है जो सार्वजनिक मंचों या इंटरनेट मीडिया पर पार्टी की अधिकृत नीति और नेतृत्व के खिलाफ जाकर काम कर रहे हैं। इस पूरी कवायद का संचालन संगठन प्रभारी डॉ संजय कामले के निर्देश पर हो रहा है। इसके तहत अब केवल सार्वजनिक बयानों को ही नहीं बल्कि व्यक्तिगत संबंधों और सोशल मीडिया पर की जाने वाली गतिविधियों को भी जांच का आधार बनाया जाएगा। जबलपुर सहित राज्य के सभी जिला अध्यक्षों को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे ऐसे विवादास्पद चेहरों की सूची तैयार करें जो पार्टी को बैकफुट पर ला रहे हैं। इस रणनीति के जरिए कांग्रेस अपनी खोई हुई एकता को फिर से बहाल करने की कोशिश में है।
पार्टी के भीतर अनुशासन का चाबुक चलाने की तैयारी
संगठन प्रभारी डॉ संजय कामले ने स्पष्ट किया है कि अनुशासन तोड़ने वालों को सीधे बाहर का रास्ता नहीं दिखाया जाएगा। सबसे पहले चिन्हित किए गए नेताओं और कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। उन्हें सुधारने का पूरा अवसर प्रदान किया जाएगा ताकि वे पार्टी की मुख्यधारा में वापस आ सकें। लेकिन इसके बाद भी यदि उनका व्यवहार नहीं बदलता है और वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं तो उन पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिला स्तर पर जो नेता कार्रवाई के दायरे में नहीं आ सकते हैं उनके साक्ष्य सीधे प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजे जाएंगे ताकि उन पर उचित निर्णय लिया जा सके। पार्टी अब किसी भी स्तर पर मनमानी बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
महाकौशल सहित पूरे राज्य में कड़ी निगरानी
जबलपुर और महाकौशल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी इन स्लीपर सेल सदस्यों की सक्रियता देखी जा रही है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनाव दर चुनाव मिल रही हार के पीछे भी कहीं न कहीं यही आंतरिक विरोध जिम्मेदार है। अब सोशल मीडिया पोस्ट और डिजिटल एक्टिविटी पर बारीक नजर रखी जाएगी। यह तय किया जाएगा कि कौन सी टिप्पणी पार्टी लाइन से अलग है और कौन सा बयान अनुशासनात्मक दायरे में आता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान पार्टी की कार्यशैली में कितना सुधार लाता है। कार्यकर्ताओं के लिए अब यह अनिवार्य होगा कि वे नेतृत्व के फैसलों का समर्थन करें और पार्टी के अनुशासित सिपाही बनकर काम करें। इससे संगठन को और मजबूत बनाने की कवायद तेज कर दी गई है।
