आधार कार्ड के अभाव में छात्रवृत्ति और पढ़ाई हो रही थी प्रभावित, ई-गवर्नेंस कार्यालय ने तीन घंटे में सुलझाई वर्षों पुरानी समस्या

जबलपुर। छह वर्षों से आधार कार्ड के लिए भटक रहे एक मजदूर परिवार की उम्मीद आखिरकार जबलपुर कलेक्ट्रेट में पूरी हो गई। जिला डिंडोरी के ग्राम अमगवां (ग्राम पंचायत चाँदपुर) निवासी अर्जुन सिंह के बच्चे रजनी और पूजा वर्ष 2018 से आधार कार्ड न मिलने के कारण शिक्षा और शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे। आधार कार्ड नहीं होने से दोनों बच्चों की छात्रवृत्ति भी रुक गई थी, जिससे परिवार लगातार परेशान था। रोजगार की तलाश में दंपति मजदूरी करने जबलपुर आए। बातचीत के दौरान उन्होंने अपने ठेकेदार को बच्चों के आधार कार्ड की समस्या बताई। ठेकेदार ने उन्हें जबलपुर कलेक्ट्रेट स्थित ई-गवर्नेंस कार्यालय जाने की सलाह दी।
जिसकी तलाश थी आखिरकार वो मिल गया
दंपति तुरंत कार्यालय पहुँचे। करीब तीन घंटे तक रिकॉर्ड खंगालने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद अधिकारियों ने वर्ष 2018 में बने दोनों बच्चों के आधार कार्ड का रिकॉर्ड खोज निकाला और उनकी प्रतियां परिवार को सौंप दीं। आधार कार्ड हाथ में आते ही दंपति की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वर्षों से जिस दस्तावेज़ के लिए वे परेशान थे, वह आखिरकार उन्हें मिल गया। अब दोनों बच्चों को छात्रवृत्ति सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है और उनकी पढ़ाई भी बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगी। परिवार ने ई-गवर्नेंस जिला प्रबंधक चित्रांशु त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी तत्परता और सहयोग से छह वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो सका। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि संवेदनशील प्रशासनिक कार्यशैली आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
