
जबलपुर। शहर की एक महिला के साथ गूगल सर्च के जरिए साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धनवंतरिनगर निवासी 65 वर्षीय उषा चौकसे ने संजीवनीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि डॉक्टर नागपाल का नंबर गूगल से सर्च करके कॉल करना उन्हें महंगा पड़ा। कॉल पर खुद को डॉक्टर का प्रतिनिधि बताने वाले ठग ने ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के नाम पर एक लिंक भेजा। लिंक पर क्लिक करते ही महिला का मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद ठग ने 5 रुपये के भुगतान का झांसा दिया। हालांकि महिला ने भुगतान नहीं किया, लेकिन उनका फोन पूरी तरह कंट्रोल में चला गया। तीन दिन बाद सिम कार्ड डालते ही बैंक खातों से कुल 2 लाख 73 हजार 673 रुपये की अवैध निकासी हो गई। पुलिस अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
गूगल पर फर्जी नंबर से मोबाइल हुआ हैक
उषा चौकसे ने बताया कि उनके पति के इलाज के लिए डॉक्टर नागपाल से मिलना था। गूगल से नंबर लेकर कॉल करने पर सामने वाले ने ऑनलाइन प्रक्रिया का झांसा दिया। उसने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर पति की जानकारी भरवाई और 5 रुपये का ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए कहा। पेमेंट न करने के बावजूद मोबाइल तुरंत हैक हो गया। मोबाइल में तकनीकी खराबी समझकर उन्होंने उसे ठीक कराने की कोशिश की, लेकिन समस्या समझ नहीं आई। मोबाइल बंद रहने के दौरान ठगों ने बड़ी चतुराई से खाते का एक्सेस हासिल कर लिया।
यूपीआई के जरिए खाते से उड़ाए लाखों रुपये
तीन दिन बाद जब महिला ने अपने मोबाइल में सिम कार्ड डाली, तो उनके होश उड़ गए। उनके निजी खाते से 22 हजार रुपये और बेटे के साथ संयुक्त खाते से 95 हजार, 96 हजार 673 तथा 60 हजार रुपये की राशि यूपीआई के माध्यम से निकाल ली गई। कुल 2 लाख 73 हजार 673 रुपये अज्ञात खाते में ट्रांसफर हो गए। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही ठग रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए मोबाइल का पूरा डेटा और ओटीपी का नियंत्रण अपने पास ले लेते हैं। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जहां यह रकम ट्रांसफर की गई है।
