मध्य प्रदेश बार काउंसिल चुनाव:इंदौर के वोटों पर टिकी प्रत्याशियों की नजरें

Newzo
Newzo - News Editor 51 Views
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जबलपुर। मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल चुनाव 2026 की मतगणना लगातार 12वें दिन भी चर्चा का केंद्र बनी रही। रिटायर्ड जस्टिस एस.के. पालो, ज्ञानेन्द्र सिंह बघेल और दीपक अवस्थी की देखरेख में चल रही इस प्रक्रिया में अब तक 81 जिलों और तहसीलों के 21304 वोट गिने जा चुके हैं, जिनमें 20514 मत वैध और 790 निरस्त मिले हैं। ताजा स्थिति में इंदौर के राकेश सिंह भदौरिया 1174 वोट लेकर शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि ग्वालियर के गौरव मिश्रा 1003 वोट हासिल कर हजार के क्लब में शामिल हो गए हैं। जितेंद्र कुमार शर्मा, दिनेश कुमार शुक्ला, विजय चौधरी, प्रेम सिंह भदौरिया, राजेश व्यास, पी.सी. कोठारी, जितेंद्र व्यास और विवेक सिंह भी दौड़ में हैं। अब सबकी निगाहें गुरुवार को खुलने वाली इंदौर की पेटी पर हैं।

​इंदौर की मतपेटियां तय करेंगी जीत का अंतिम रास्ता

​जानकारी के अनुसार मतगणना का अगला चरण अत्यंत निर्णायक होने वाला है। इंदौर प्रदेश के सबसे बड़े बार एसोसिएशनों में से एक है, इसलिए यहां मिलने वाले भारी मतदान से पूरे चुनावी समीकरण के पलटने की पूरी संभावना है। मतगणना में अब तक जो स्थिति सामने आई है, उसमें राकेश सिंह भदौरिया ने अपनी बढ़त बनाए रखी है। ग्वालियर के उम्मीदवारों का प्रदर्शन भी काफी प्रभावशाली रहा है, जिससे मुकाबला और भी कड़ा हो गया है। चुनाव समिति के अधिकारी पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं। अब तक हुई गणना के आंकड़ों से स्पष्ट है कि जीत और हार का फैसला बहुत कम मतों के अंतर से होने वाला है, जिसे लेकर अधिवक्ताओं में भारी उत्साह और उत्सुकता देखी जा रही है।

​हजार वोट क्लब में शामिल हुए गौरव मिश्रा

​ग्वालियर के अधिवक्ता गौरव मिश्रा ने 12वें दिन 1000 का आंकड़ा पार कर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। वर्तमान में शीर्ष स्थान पर चल रहे राकेश सिंह भदौरिया और उनके पीछे चल रहे अन्य दिग्गजों के बीच कांटे की टक्कर है। जितेंद्र कुमार शर्मा 848 और दिनेश कुमार शुक्ला 773 वोटों के साथ दौड़ में बने हुए हैं। विजय चौधरी 751 और प्रेम सिंह भदौरिया 722 वोटों के साथ शीर्ष क्रम में अपनी जगह बनाए हुए हैं। इंदौर की मतपेटियां खुलने के बाद टॉप 10 उम्मीदवारों की स्थिति में बड़े बदलाव आने के प्रबल संकेत हैं। प्रदेश भर के वकील इस चुनाव के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में नई कार्यसमिति को चुनने का आधार बनेंगे।

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