
डिंडौरी। डिंडौरी जिले के कनई सांगवा ग्राम पंचायत में पिछले तीन महीने से जारी पेयजल संकट से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह 9:30 बजे जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे पर बर्तनों के साथ चक्काजाम कर दिया। जिला मुख्यालय से महज चार किलोमीटर दूर हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष सड़क पर बैठ गए, जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नल जल योजना के तहत घरों में कनेक्शन होने के बाद भी महीनों से नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है। इस समस्या को लेकर स्थानीय सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें भेजी गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रदर्शन की सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार शैलेश गौर, कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे और यातायात निरीक्षक सुभाष उईके ने ग्रामीणों को समझाइश दी। इसके बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ वी.के. कोल ने पानी की आपूर्ति बढ़ाने और खराब हैंडपंपों को सुधारने का लिखित आश्वासन देकर दो घंटे बाद जाम खुलवाया।
बुनियादी सुविधाओं की कमी से आक्रोश
गांव में तीन महीने से नल जल योजना की पाइपलाइन ठप पड़ी है और कभी पानी आता भी है तो वह नाममात्र का होता है। इसके साथ ही क्षेत्र के अधिकांश हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पानी के लिए मीलों दूर भटकना पड़ रहा है।
अधिकारियों की समझाइश के बाद खुला हाईवे
हाईवे पर वाहनों की कतारें लगने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बात की। अधिकारियों ने मौके से ही पीएचई विभाग को फोन कर स्थिति की जानकारी दी और ग्रामीणों की सभी मांगों को जल्द पूरा करने का भरोसा दिलाकर जाम समाप्त करवाया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने कनई सांगवा पहुंचकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और पंचायत प्रबंधन को जलापूर्ति का समय बढ़ाने को कहा। विभाग ने खराब पाइपलाइन की मरम्मत के लिए पंचायत स्तर से कार्ययोजना का प्रस्ताव तैयार कर तुरंत भेजने की हिदायत दी है।
