
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर अवैध रूप से प्रवेश कर यात्रियों, महिलाओं और अधिकृत वेंडरों को धमकाने, उनके वीडियो बनाने तथा रेल कर्मियों के कार्य में बाधा डालने वाले चार फर्जी मीडियाकर्मियों को रेलवे सुरक्षा बल ने पकड़ लिया है। आरपीएफ पोस्ट के उप निरीक्षक योगेंद्र सिंह ने जवानों के साथ मुस्तैदी दिखाते हुए प्लेटफार्म संख्या दो-तीन से तुलसी मोहल्ला निवासी रोहित रजक, देवेंद्र विनोदिया, हनुमानताल निवासी संतोष लालवानी और सदर निवासी फिरोज खान उर्फ अक्कू को दबोचा। पूछताछ में इनके पास कोई वैध अधिकार पत्र नहीं मिला, जिसके बाद रेल अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई। इनका एक साथी घमापुर निवासी दीपक सोनकर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
सुरक्षा बल ने स्टेशन परिसर से आरोपियों को दबोचा
आरपीएफ की टीम स्टेशन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही थी। इसी दौरान टीम की नजर संदिग्ध रूप से घूम रहे कुछ युवकों पर पड़ी। जब जवानों ने उनसे पूछताछ की और स्टेशन पर आने का कारण पूछा, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके साथ ही वे रेलवे परिसर में प्रवेश का कोई भी वैध टिकट या पास दिखाने में पूरी तरह असमर्थ रहे।
प्लेटफार्म पर यात्रियों और वेंडरों से की अभद्रता
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि १५ जून की रात को ये सभी आरोपी प्लेटफार्म पर घूम रहे थे। वहां उन्होंने साधारण यात्रियों, महिलाओं और दुकानदारों को डराया-धमकाया। खुद को मीडियाकर्मी बताकर वे लोगों पर रौब झाड़ रहे थे और अपने मोबाइल फोन से उनके वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। मना करने पर वे अभद्र व्यवहार पर उतारू हो गए और सरकारी काम में भी अड़चन पैदा की। पकड़े गए चारों आरोपियों को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है, जबकि फरार आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।
