
बदइंतजामी की भेंट चढ़ा जनकल्याणकारी शिविर, भड़के जनप्रतिनिधियों ने लगाए गंभीर आरोप
डिंडौरी। डिंडौरी के जनपद पंचायत मेहदवानी परिसर में आयोजित एक दिवसीय सरकारी जनकल्याणकारी शिविर प्रशासनिक लापरवाही और भारी अव्यवस्थाओं की वजह से विफल साबित हुआ। प्रचार-प्रसार के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राही इस आयोजन में नहीं पहुंच सके, जिसके चलते कार्यक्रम स्थल पर रखी कुर्सियां पूरी तरह खाली नजर आईं। इस बदइंतजामी को लेकर भाजपा जिला उपाध्यक्ष इंद्रावती धुर्वे और जनपद पंचायत अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश धुर्वे की अनुपस्थिति का अनुचित लाभ उठाते हुए अधिकारियों ने शिविर की व्यवस्थाओं की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और इसे महज औपचारिकता तक सीमित रख दिया।
अव्यवस्थाओं के बीच बांटे गए केवल 30 स्वीकृति पत्र
भीषण गर्मी के इस मौसम में दूर-दराज के गांवों से आए जरूरतमंद ग्रामीणों के लिए शिविर स्थल पर पीने के साफ पानी तक का कोई प्रबंध नहीं किया गया था। बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी के कारण लोगों को दिनभर भीषण परेशानी का सामना करना पड़ा। इस पूरी प्रशासनिक बदइंतजामी के बीच महज 30 हितग्राहियों को ही संबल योजना, कल्याणी पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांगजन जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ और स्वीकृति पत्र वितरित किए जा सके।
छूटे हुए पात्र लोगों को दूसरे दिन मिलेगा सरकारी लाभ
जनप्रतिनिधियों के कड़े विरोध और तीखे तेवरों को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने आनन-फानन में शिविर की अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार यह जनकल्याणकारी शिविर अगले दिन भी निरंतर जारी रखा जाएगा। प्रशासन ने दावा किया है कि जो पात्र ग्रामीण पहले दिन किन्हीं कारणों से शामिल नहीं हो सके, उन्हें अगले दिन की काउंसिलिंग में हर हाल में शामिल कर शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।
