
डिंडौरी। डिंडौरी की सिटी कोतवाली में शनिवार को ग्रामीणों ने बैंक से ऋण दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक दलाल को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। नारायण डीह निवासी राजकुमार सहित तुलाराम, गुलाब लाल, संतोष लाल और सूरज कुमार ने शिकायत दर्ज कराई कि राजेंद्र प्रसाद नामक व्यक्ति ने उन्हें रोजगार शुरू करने के लिए बैंक से लोन दिलाने का झांसा दिया था। फरवरी में आरोपी ने राजकुमार को किराना दुकान और आटा चक्की खोलने का भरोसा देकर दस्तावेज तैयार कराए और 12 हजार रुपए नगद ले लिए। एक सप्ताह में ऋण स्वीकृत कराने का दावा करने के बाद आरोपी महीनों तक चक्कर कटवाता रहा। जब ग्रामीणों को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने एकजुट होकर आरोपी को पकड़ा और थाने लेकर पहुंचे, जहां पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
रोजगार का सपना दिखाकर की गई अवैध वसूली
ग्रामीण इलाकों में व्यापार शुरू करने की चाह रखने वाले सीधे-साधे लोगों को आरोपी ने अपना निशाना बनाया। उसने गांव-गांव घूमकर लोगों को विश्वास में लिया कि वह सरकारी योजनाओं के तहत आसानी से बैंक से मोटी रकम पास करवा सकता है। राजकुमार की तरह ही गांव के 4-5 अन्य जरूरतमंद लोग भी इस झांसे में आ गए। आरोपी ने हर व्यक्ति से कागजी कार्रवाई और फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर हजारों रुपए वसूल किए।
कर्ज लेकर दलाल को दी थी ठगी की रकम
पीड़ितों ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति पहले से ही खराब थी। आरोपी की बातों में आकर उन्होंने अपना खुद का काम शुरू करने की उम्मीद लगाई थी। इस उम्मीद को पूरा करने के लिए कई ग्रामीणों ने दूसरों से कर्ज और ब्याज पर पैसे लेकर दलाल राजेंद्र प्रसाद को सौंपे थे। लोन तो दूर की बात है, तय समय सीमा बीत जाने के महीनों बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले, तो पीड़ितों का सब्र टूट गया।
आरोपी ने कबूला जुर्म, दी मोहलत
कोतवाली थाने में पीड़ितों के सामने आरोपी राजेंद्र प्रसाद ने माना कि उसने लोन दिलाने के नाम पर तीन लोगों से पैसे लिए थे। उसने पुलिस और ग्रामीणों के समक्ष स्वीकार किया कि उसके पास लोगों के कुल 28 हजार रुपए बकाया हैं। आरोपी ने लिखित और मौखिक रूप से पुलिस के सामने वादा किया है कि वह 20 जून तक सभी पीड़ितों की पूरी रकम हर हाल में लौटा देगा। पुलिस फिलहाल पीड़ितों के बयानों के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
