डीएनए टेस्ट से हुआ खुलासा, नर्मदा में मिली लाश मदनमहल की लापता गीता की थी

जबलपुर। मदनमहल क्षेत्र से 18 जनवरी को लापता हुई युवती गीता राजपाल की मौत का रहस्य आखिरकार डीएनए रिपोर्ट आने के बाद सुलझ गया है। गायब होने के कुछ दिन बाद 29 जनवरी को शहपुरा थाना क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे एक अज्ञात युवती का क्षत-विक्षत शव मिला था, जिसकी कद-काठी लापता गीता से मिल रही थी। शव की स्थिति अत्यधिक खराब होने के कारण उस वक्त पहचान संभव नहीं हो सकी थी, जिसके बाद पुलिस ने पुख्ता शिनाख्त के लिए डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा था। अब डीएनए रिपोर्ट से यह साबित हो चुका है कि वह शव गीता राजपाल का ही था। इस खुलासे के बाद मृतका के परिजनों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा से मिलकर दो संदिग्ध युवकों पर हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गुमशुदगी के 11 दिन बाद नदी किनारे मिला था शव
मदनमहल की रहने वाली गीता राजपाल 18 जनवरी को अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। परिवार वालों ने अपने स्तर पर हर संभावित जगह उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने 20 जनवरी को मदनमहल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और परिजन अभी उसकी खोजबीन कर ही रहे थे कि 29 जनवरी को शहपुरा इलाके में नर्मदा नदी के तट पर एक युवती की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। पानी में रहने के कारण शव बहुत बुरी हालत में था।
परिजनों ने दो युवकों पर जताया मर्डर का गहरा शक
डीएनए के जरिए बेटी की मौत की पुष्टि होते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिवार ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाई है। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि गीता की सोची-समझी रणनीति के तहत हत्या की गई है। उन्होंने दो स्थानीय युवकों का नाम लेते हुए उन पर संदेह जताया है कि इन दोनों ने वारदात को अंजाम देने के बाद पहचान छुपाने के उद्देश्य से शव को नर्मदा नदी में फेंक दिया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित थाना पुलिस को सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं।
