

जबलपुर। परिवहन आयुक्त ग्वालियर मध्य प्रदेश के निर्देशानुसार जबलपुर आरटीओ कार्यालय ने अरुणाचल प्रदेश से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर पंजीकृत हुए 56 वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर का भौतिक सत्यापन कराया। जबलपुर आरटीओ रिंकू शर्मा के अनुसार, वाहन होमोलोगेशन पोर्टल और संबंधित वाहन निर्माता कंपनियों से जांच कराने पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में कुल 46 वाहनों के चेसिस नंबर पूरी तरह गलत और दस्तावेज फर्जी पाए गए। इस गंभीर अनियमितता पर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जबलपुर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 55 (5) के तहत इन सभी 46 वाहनों का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इन धोखाधड़ी से पंजीकृत वाहनों की सूची पुलिस अधीक्षक जबलपुर और फ्लाइंग स्क्वाड को सौंपकर इन्हें सड़क पर चलते पाए जाने पर तुरंत जब्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
पांच अन्य जिलों में ट्रांसफर हुए वाहनों पर भी कार्रवाई के लिए लिखे पत्र
इस पूरे मामले की गहन पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि जालसाजों ने अन्य राज्यों के फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर जबलपुर परिवहन कार्यालय को गुमराह किया था। आरटीओ प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ब्लैकलिस्टेड किए गए 46 वाहनों में से 05 वाहन वर्तमान में अन्य जिलों में पंजीकृत हो चुके हैं। इन बाहरी जिलों के संबंधित अधिकारियों को भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई करने के लिए पत्र भेज दिए गए हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने आम जनता से भी इस प्रशासनिक मुहिम में सहयोग करने की बड़ी अपील की है। विभाग ने आम नागरिकों के लिए दो मोबाइल नंबर 9784659689 और 7879937053 जारी किए हैं। अगर कोई भी व्यक्ति इन प्रतिबंधित 46 वाहनों को सड़क या किसी भी मार्ग पर संचालित होते हुए देखता है, तो वह इन नंबरों पर तत्काल सूचना दे सकता है ताकि नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने जनसंपर्क अधिकारी सूचना एवं प्रकाशन विभाग गोलबाजार जबलपुर को भी इस विज्ञप्ति की प्रति भेजकर इसे स्थानीय स्तर पर प्रसारित करने का आग्रह किया है।
