
बच्चों के प्रमाणपत्र अब रहेंगे ऑनलाइन सुरक्षित, जिलेभर में विशेष तैयारी,नई शिक्षा नीति को जमीनी स्तर पर उतारने की कवायद
जबलपुर। जिले के समस्त शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यार्थियों के डिजिटल शैक्षणिक अभिलेख तैयार करने के लिए 1 जून 2026 से 30 जून 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी के निर्देशन में आयोजित इस मुहिम के तहत हर शनिवार को मेगा अपार दिवस मनाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन सभी छात्र-छात्राओं की ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री यानी अपार आईडी बनाना और उसका सत्यापन करना है, जो अब तक इससे वंचित हैं या जिनका मामला तकनीकी कारणों से अटका हुआ है। इस पहल से बच्चों के परीक्षा परिणाम और प्रमाणपत्र सुरक्षित रहेंगे।
शैक्षणिक दस्तावेजों का सुरक्षित होगा डिजिटल रिकॉर्ड
यह विशिष्ट पहचान संख्या विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन का एक स्थाई और सुरक्षित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करती है। इससे छात्र-छात्राओं की अंकसूचियों, परीक्षा परिणामों और खेलकूद या अन्य गतिविधियों से जुड़े प्रमाणपत्रों को एक ही जगह पर ऑनलाइन सहेज कर रखा जा सकेगा। भविष्य में जब भी छात्र स्कूल बदलेंगे या उच्च शिक्षा में प्रवेश लेंगे, तो उनके दस्तावेजों का सत्यापन बेहद आसान हो जाएगा। इसके अलावा छात्रवृत्ति के आवेदनों और प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान भी कागजी दस्तावेजों को साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
शनिवार को लगेंगे विशेष सत्यापन शिविर
इस अभियान को सफल बनाने के लिए हर शनिवार को स्कूल स्तर पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों में मुख्य रूप से विद्यार्थियों के आधार कार्ड का मिलान किया जाएगा और उनके नामांकन में मौजूद कमियों या त्रुटियों को सुधारा जाएगा। जिन बच्चों की आईडी बनाने की प्रक्रिया बीच में अधूरी रह गई थी, उन्हें इन शिविरों में प्राथमिकता दी जा रही है। स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश हैं कि वे इन शिविरों का अधिक से अधिक प्रचार करें ताकि कोई भी छात्र इस डिजिटल व्यवस्था से जुड़ने से न छूटे।
अधिकारियों को शत प्रतिशत लक्ष्य के निर्देश
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों, विकासखण्ड स्रोत समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों और सभी संस्था प्रमुखों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा करने के लिए कहा गया है। जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने साफ किया है कि हर शनिवार की प्रगति रिपोर्ट जिला शिक्षा केंद्र को भेजनी होगी। अधिकारियों ने अभिभावकों से भी भावुक अपील की है कि वे तय तारीखों पर अपने बच्चों के आधार कार्ड और जरूरी कागजात लेकर स्कूलों में पहुंचें। इस पूरी कवायद से आने वाले समय में कागजी दस्तावेजों के फटने या गुम होने की चिंता हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
