
जबलपुर। मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक अभूतपूर्व इतिहास रचते हुए अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर 5 ने लगातार 609 दिनों तक बिना रुके बिजली उत्पादन करने का देशव्यापी कीर्तिमान स्थापित किया है। जबलपुर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार 1 अक्टूबर 2024 से शुरू हुआ यह निर्बाध सफर 2 जून 2026 तक जारी रहा, जिसे एक आकस्मिक तकनीकी विद्युत खराबी के कारण रोकना पड़ा। राज्य क्षेत्र की किसी भी थर्मल यूनिट का यह अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है, जिसने भारतीय ग्रिड को अभूतपूर्व मजबूती दी। इस ऐतिहासिक महा-रिकॉर्ड की सफलता पर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा नीरज मंडलोई और प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने बिजलीघर के सभी अभियंताओं, तकनीकी स्टाफ और ग्राउंड कर्मचारियों के कुशल प्रबंधन व दिन-रात की मेहनत की सराहना करते हुए इसे टीम वर्क की ऐतिहासिक जीत बताया है।
असाधारण कार्यकुशलता और दमदार प्रदर्शन के बेमिसाल आंकड़े
इस मैराथन परिचालन के दौरान चचाई प्लांट के सभी तकनीकी सूचकांक बेहद उत्कृष्ट श्रेणी में दर्ज किए गए। आंकड़ों के अनुसार इस पूरी अवधि में प्लांट की उपलब्धता यानी पीएएफ 98.82% रहा, जो यह दर्शाता है कि यूनिट हर पल बिजली उत्पादन के लिए पूरी तरह मुस्तैद थी। वहीं इकाई ने अपनी स्थापित क्षमता के शिखर के बेहद करीब रहकर 95.61% प्लांट लोड फैक्टर यानी पीएलएफ पर रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन किया। इस दौरान बिजलीघर को अंदरूनी रूप से संचालित करने के लिए लगने वाली सहायक बिजली खपत यानी एपीसी भी बेहद नियंत्रित और मात्र 9.29% रही।
उत्कृष्ट तकनीकी रखरखाव और कुशल प्रबंधन से मिली बड़ी कामयाबी
तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य क्षेत्र के बिजलीघरों में किसी भी इकाई का बिना किसी ट्रिपिंग या व्यवधान के पौने दो साल तक लगातार चलते रहना एक चमत्कारी उपलब्धि है। प्रबंधन के अनुसार यह ऐतिहासिक कीर्तिमान बिजलीघर के उच्च स्तरीय रखरखाव, सटीक संचालन और जमीनी स्टाफ की सजगता का सीधा परिणाम है। चचाई थर्मल पावर स्टेशन द्वारा स्थापित यह नया बेंचमार्क भविष्य में निरंतर और सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक आदर्श मिसाल बनेगा, जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व है।
