नए ठेकों के लिए तय हो कड़ी शर्त, बिजली कर्मचारियों को मिले 20 लाख का सुरक्षा बीमा

Newzo
Newzo - News Editor 92 Views
3 Min Read

तकनीकी कर्मचारी संघ ने ऊर्जा मंत्री को सौंपा सुरक्षा नीति का नया मसौदा,हर दिन जान जोखिम में डालने वाले कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा देने पर जोर

जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ ने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजकर बिजली कंपनियों में कार्यरत 45000 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया है। संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव सहित प्रमुख पदाधिकारियों एसके मौर्य, केएन लोखंडे, एसके शाक्य, दशरथ शर्मा, शशि उपाध्याय, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, विनोद दास, लखन सिंह राजपूत, राजेश शरण, जानकी प्रसाद त्रिपाठी, संदीप दीपांकर, किशोर, जगदीश मेहरा और अमित मेहरा ने ऊर्जा मंत्री से इस विषय पर तत्काल ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है। संघ का कहना है कि प्रदेश के 56 जिलों में हर दिन जान जोखिम में डालकर काम करने वाले इन संविदा और आउटसोर्स कर्मियों के लिए बिजली कंपनियों के प्रबंध संचालकों ने अब तक कोई भी सुरक्षित मानव संसाधन नीति तैयार नहीं की है, जिससे आए दिन होने वाले हादसों में कर्मियों की असमय मौत के बाद उनके परिवारों का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाता है।

​जोखिम भरे काम के बदले मिले जरूरी सुरक्षा कवच

​विद्युत लाइनों और सब-स्टेशनों पर होने वाले दैनिक तकनीकी कार्य बेहद संवेदनशील और खतरनाक होते हैं। जमीनी स्तर पर काम करने वाले इन मैदानी कर्मियों को अक्सर बिना किसी मजबूत सामाजिक सुरक्षा के करंट और लाइनों के फॉल्ट सुधारने के काम में झोंक दिया जाता है। सुरक्षा उपकरणों की कमी और स्पष्ट नीति के अभाव के कारण मैदानी स्तर पर हर दिन गंभीर हादसे सामने आते हैं। इन हादसों में कई बार कर्मचारियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है तो कई बार वे हमेशा के लिए दिव्यांग हो जाते हैं। ऐसे पीड़ित परिवारों को ठेका कंपनियों या विभाग की तरफ से कोई उचित आर्थिक संबल नहीं मिल पाता है, जिससे वे पूरी तरह बेसहारा हो जाते हैं।

​ठेका आवंटन के नियमों में अनिवार्य बदलाव की जरूरत

​तकनीकी कर्मचारी संघ ने ऊर्जा मंत्री से मांग की है कि बिजली कंपनियों के सभी प्रबंध संचालकों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए जाएं। विभाग में मैनपावर सप्लाई का नया ठेका केवल उन्हीं कंपनियों को आवंटित किया जाना चाहिए जो अपने अधीन काम करने वाले प्रत्येक आउटसोर्स कर्मचारी का 20 लाख रुपये का जीवन बीमा और कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कराने की लिखित गारंटी दें। इस नियम को आगामी निविदाओं की शर्तों में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ठेका लेने वाली कंपनियां कर्मचारियों के स्वास्थ्य और जीवन के प्रति जवाबदेह बन सकें। इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि संकट के समय उनके आश्रितों को एक बड़ा वित्तीय सहारा भी मिल सकेगा।

Share This Article
error: This Content is protected !!