जबलपुर: सेना के मेजर पर पत्नी की हत्या का आरोप, एक साल बाद कोर्ट पहुंचा मामला

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Newzo - News Editor
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ढाई घंटे की देरी से अस्पताल पहुंची घायल विवाहिता, पिता ने उठाए सवाल

    जबलपुर। जबलपुर के सदर आर्मी एरिया में पिछले साल जून में हुई 27 वर्षीय कानून स्नातक कविता दक्षिणामूर्ति की रहस्यमय मौत का मामला अब गरमा गया है। मूल रूप से कोयमबेडू चेन्नई के निवासी मृतका के पिता पी दक्षिणामूर्ति ने अपने दामाद सेना के मेजर डॉ. ओम नागार्जुन, ससुर ओम गनपति और सास ओम प्रेमलता पर दहेज के लिए हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका विवाह 2 मार्च 2025 को हुआ था और शादी के बाद कविता 9 जून 2025 को जबलपुर आई थी, जहां उसी रात जैक आरआरसी के ऑफिसर्स मैस के बाथरूम में वह संदिग्ध रूप से घायल हो गई। पिता का आरोप है कि मैस से मात्र डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित मिलिट्री अस्पताल पहुंचने में 2 घंटे 39 मिनट की अत्यधिक देरी की गई। रात 9.30 बजे की घटना के बाद उसे रात 12.39 बजे अस्पताल ले जाया गया, जहां अगले दिन 10 जून को रात 8.10 बजे उसकी मौत हो गई। घटना के एक साल बाद भी गोराबाजार पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज न किए जाने के कारण पीड़ित परिवार ने अब न्याय के लिए न्यायालय की शरण ली है।

    ​अस्पताल पहुंचने के समय पर गहराया संशय

    ​घटनाक्रम के अनुसार कविता 9 जून 2025 को ही जबलपुर पहुंची थी और सदर स्थित जैक आरआरसी के ऑफिसर्स मैस में ठहरी थी। रात को बाथरूम में गिरने के बाद उसके पति मेजर डॉ. ओम नागार्जुन रात 10 बजे मेजर महेश की कार से उसे अस्पताल लेकर रवाना हुए थे। मैस से मिलिट्री अस्पताल की दूरी इतनी कम है कि वहां सामान्य रूप से सिर्फ 5 मिनट में पहुंचा जा सकता है। इसके बावजूद कविता को रात 12.39 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिससे ढाई घंटे से अधिक समय के अंतराल पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।

    ​पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वास्थ्य दावों में विरोधाभास

    ​डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दिल की बीमारी को बताया है, लेकिन कविता के पिता इस दावे को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं। विवाह से पूर्व 25 अप्रैल 2025 को चेन्नई के सरकारी अस्पताल में हुई चिकित्सीय जांच में कविता को केवल सामान्य शुगर थी और हृदय संबंधी कोई समस्या नहीं थी। इसके विपरीत पोस्टमार्टम में कविता के सिर के अगले हिस्से में ढाई सेंटीमीटर बाय तीन सेंटीमीटर की चोट और पिछले हिस्से में पांच सेंटीमीटर बाय तीन सेंटीमीटर का खून का थक्का जमा होना पाया गया है।

    ​दो करोड़ की अतिरिक्त मांग और प्रताड़ना का आरोप

    ​मृतका के पिता ने बताया कि उन्होंने विवाह के समय अपनी हैसियत के मुताबिक 100 तोला सोना, 20 लाख रुपए का हीरे का हार और 30 लाख रुपए की गाड़ी दहेज के रूप में दी थी। इसके बाद भी आरोपी ससुराल पक्ष द्वारा नया अस्पताल खोलने के नाम पर 2 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि की अतिरिक्त मांग लगातार की जा रही थी। यह बात भी सामने आई है कि आरोपी मेजर की वर्ष 2024 में चेन्नई की एक अन्य युवती से सगाई हुई थी, जो 5 करोड़ रुपए की दहेज मांग के कारण टूट गई थी।

    ​कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया

    ​स्थानीय गोराबाजार थाना पुलिस द्वारा इस पूरे संवेदनशील मामले में एक साल बीत जाने के बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से असंतुष्ट होकर मृतका के परिजनों ने अदालत का रुख किया है, जहां वर्तमान में यह मामला विचाराधीन है। इस कानूनी लड़ाई में अधिवक्ता मनीष वर्मा, विनोद सिसोदिया और निधि सोनकर न्यायालय के समक्ष कविता के परिवार का पक्ष मजबूती से रख रहे हैं ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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