पीएम श्री विद्यालयों के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए शिक्षा विभाग ने कसी कमर,शिक्षा अधिकारी का सख्त रुख, तकनीकी मानकों के अनुसार ही बनेंगे अतिरिक्त कक्ष


जबलपुर। जिले के सिहोरा विकासखंड में संचालित पीएम श्री विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों का जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने अचानक निरीक्षण किया। इस आकस्मिक जांच के दौरान उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझगवां और शासकीय हाई स्कूल भंडारा का दौरा करके वहां बन रहे अतिरिक्त कमरों, अटल टिंकरिंग लैब और अन्य बुनियादी ढांचों की प्रगति को देखा। श्री सोनी ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार को साफ चेतावनी दी कि बच्चों के भविष्य से जुड़े इन कार्यों में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के समय उनके साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें एडीपीसी गौतम बर्बे, विधि प्रभारी कृष्णकांत शर्मा, सहायक संचालक एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी अरविंद धुर्वे, बीआरसीसी विनोद श्रीवास्तव और स्कूलों के प्राचार्य शामिल थे।
अधोसंरचना सीधे तौर पर छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ी
जिला शिक्षा अधिकारी ने मौके पर उपस्थित निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों और ठेकेदारों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में तैयार होने वाली हर इमारत और लैब का सीधा असर वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा पर पड़ता है। इसलिए सभी काम तय तकनीकी मानकों और सरकारी नियमों के अनुसार ही पूरे होने चाहिए। इसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री और काम का तरीका पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर घटिया निर्माण पाया गया, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आधुनिक और तकनीक संपन्न शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र बनेंगे विद्यालय
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया यानी पीएम श्री योजना केंद्र सरकार का एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। इसका मुख्य लक्ष्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक, डिजिटल और सर्वसुविधायुक्त बनाना है। इन विद्यालयों में नवाचार आधारित पढ़ाई, डिजिटल क्लासरूम और अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को भी सर्वांगीण विकास के समान अवसर मिल सकें। सरकार इसके लिए पर्याप्त बजट और संसाधन दे रही है।
स्कूल प्रबंधन लगातार मॉनिटरिंग कर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजे
अधिकारियों ने स्कूल के प्राचार्यों और शिक्षकों को भी जिम्मेदारी सौंपते हुए कहा कि वे केवल मूकदर्शक न बने रहें। निर्माण कार्य के दौरान स्कूल प्रबंधन की यह जिम्मेदारी है कि वे रोज हो रहे काम पर नजर रखें। यदि ठेकेदार या मजदूर तय मापदंडों के बिना काम करते दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को लिखित में दी जाए। सभी कर्मचारियों को पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने में अपना योगदान देना होगा।
