जल संरक्षण में डिंडौरी ने रचा इतिहास, पश्चिम क्षेत्र में पहला और देश में मिला तीसरा स्थान

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Newzo - News Editor
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​शासकीय विभागों, ग्रामीणों और जनभागीदारी के अनूठे तालमेल से आदिवासी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान

डिंडोरी। जल संचय-जन भागीदारी अभियान के तहत डिंडौरी जिले ने पूरे देश में एक मिसाल पेश की है। जिला प्रशासन और आम जनता के मिले-जुले प्रयासों से जिले में जल संरक्षण और पानी को सहेजने के लिए बड़े पैमाने पर काम किए गए हैं। इन बेहतरीन और नए प्रयोगों की बदौलत डिंडौरी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान मिली है। पूरे देश को चार क्षेत्रों ईस्ट, वेस्ट, नॉर्थ और साउथ में बांटा गया था। इसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र वाले वेस्ट जोन यानी पश्चिम क्षेत्र में डिंडौरी जिला पहले स्थान पर रहा है, जबकि पूरे देश में इसे तीसरा स्थान हासिल हुआ है।

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​शासकीय विभागों, ग्रामीणों और जनभागीदारी के अनूठे तालमेल से आदिवासी जिले को राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान​कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण, अफसरों ने सुनीं बिजली, पानी और स्कूल की समस्याएं​जिला पंचायत सीईओ ने 77 आवेदनों पर की सुनवाई, लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जांच के आदेश​दिव्यांग मनोज को मिला प्रशासनिक सहारा, तुरंत मिली ट्राइसाइकिल और पेंशन चालू करने के निर्देश​आर्थिक तंगी से जूझ रहे हितग्राही की समस्या का जिला पंचायत सीईओ ने जनसुनवाई में किया त्वरित निराकरण​गिट्टी का ओवरलोड परिवहन करने पर खनिज विभाग की कार्रवाई, हाइवा वाहन जप्त कर थाने भेजा​कलेक्टर के निर्देश पर अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान, न्यायालय में पेश होगा मामला

​इस अभियान के तहत जिले भर में परंपरागत और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर कुल 803979 जल संरचनाओं का निर्माण और उनका सुधार किया गया है। इनमें कुएं, बावड़ियां, नहर, तालाब, जलाशय, हैंडपंप, कूप, नल-जल कनेक्शन, खेत तालाब, अमृत सरोवर जैसी संरचनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने के लिए डगवेल रिचार्ज 8990, हैंडपंप रिचार्ज 2257, छतों से पानी सहेजने के लिए रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग 16719, पहाड़ों और ढलानों पर कंटूर ट्रेंच 172543, नालों को रोकने के लिए गली प्लग 16312, गेबियन 1922, परकोलेशन टैंक 1354, खेत तालाब 10012, बड़े तालाब 2395, चेक डैम 6687 और रिचार्ज पिट 61254 बनाए गए हैं। इसके अलावा 3441 बोरी बंधान और 8412 ड्रिप इरिगेशन के कार्य भी किए गए हैं।

​ग्रामीण इलाकों में आजीविका मिशन की दीदियों ने एक खास पहल की है, जिसमें मटका सिंचाई पद्धति का उपयोग करके 35000 पौधों को सींचा जा रहा है। महिला बाल विकास विभाग की ओर से ड्रिप इरिगेशन के 2797 काम कराए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अपने सरकारी भवनों में सोक पिट रिचार्ज के 1945 काम पूरे किए हैं, जबकि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से गांवों में 7054 स्टैंड पोस्ट के पास सोखता गड्ढे बनवाए गए हैं। सरकारी और निजी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं।

​गांवों में घरों से निकलने वाले बेकार पानी को रोकने के लिए सोखता टैंक बनाए गए हैं। इससे हर घर से निकलने वाला पानी सीधे जमीन के अंदर जा रहा है, जिससे आने वाले समय में भूमिगत जल स्तर बढ़ने की पूरी संभावना है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने इस बड़ी सफलता के लिए जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारियों, जमीनी अमले, ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग के बिना इतना बड़ा अभियान सफल नहीं हो सकता था। उन्होंने अपील की है कि भविष्य में भी पानी बचाने का यह सिलसिला इसी तरह जारी रहना चाहिए।

​कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण, अफसरों ने सुनीं बिजली, पानी और स्कूल की समस्याएं

​जिला पंचायत सीईओ ने 77 आवेदनों पर की सुनवाई, लापरवाही और भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जांच के आदेश

डिंडोरी। डिंडौरी जिला मुख्यालय पर आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस सुनवाई में कुल 77 आवेदन आए। ग्रामीणों ने बिजली, पीने के पानी, खराब सड़कें, जमीनों का मुआवजा, प्रधानमंत्री आवास योजना में आ रही दिक्कतों और कुछ विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं। जिला प्रशासन ने इन सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अफसरों को तुरंत जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

​जनसुनवाई में ग्राम पंचायत सारंगपुर पड़रिया के ग्रामीणों ने एक बड़ी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने एकीकृत शाला हाई स्कूल सारंगपुर में पदस्थ प्रभारी प्राचार्य पर आरोप लगाया कि वे स्कूल से अक्सर गायब रहते हैं और राष्ट्रीय पर्वों के दौरान उनका व्यवहार ठीक नहीं रहता। ग्रामीणों ने बच्चों की पढ़ाई खराब होने का हवाला देते हुए प्राचार्य पर कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिस पर सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को जांच सौंप दी गई है। इसी तरह ग्राम नएगांव रैयत के महुआ टोला से आए लोगों ने बताया कि उनके गांव में साल 2007 में बिजली के तार लगाए गए थे। अब ये तार पूरी तरह जर्जर होकर टूट रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे का डर रहता है और गांव में अंधेरा छा जाता है। इस मामले में बिजली कंपनी को तुरंत तार बदलने के निर्देश दिए गए हैं।

​बिजली से जुड़ी एक और शिकायत देवरा किसान टोला के सरपंच ने की। उन्होंने बताया कि धरती आबा योजना के तहत उनके यहां सर्वे तो हो चुका है, लेकिन अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं मिला है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। उधर शहपुरा तहसील के ग्राम कनेरी माल के दो किसानों ने अपनी फसल के ढेर में आग लगने से हुए भारी नुकसान की बात कही और आर्थिक मदद की गुहार लगाई। पानी की समस्या को लेकर हर्रा टोला पड़रियाकला के ग्रामीणों ने नया हैंडपंप लगाने की मांग की, जिस पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को तुरंत मौका देखने भेजा गया है। सारंगपुर पड़रिया के लोगों ने साल 2020-21 से अधूरे पड़े सोसाइटी भवन को पूरा करने की मांग की ताकि उन्हें राशन के लिए दूर न जाना पड़े। इस जनसुनवाई में अपर कलेक्टर जेपी यादव, संयुक्त कलेक्टर भारती मेरावी और डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

​दिव्यांग मनोज को मिला प्रशासनिक सहारा, तुरंत मिली ट्राइसाइकिल और पेंशन चालू करने के निर्देश

​आर्थिक तंगी से जूझ रहे हितग्राही की समस्या का जिला पंचायत सीईओ ने जनसुनवाई में किया त्वरित निराकरण

जबलपुर। डिंडौरी जिले की कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में पहुंचे एक गरीब दिव्यांग को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। ग्राम छांटा बैगा टोला के रहने वाले मनोज कुमार पिता बैसाखू बैगा ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी रखी। मनोज ने बताया कि उनका परिवार बेहद गरीब है और वे खुद शारीरिक रूप से अक्षम हैं। कुछ समय पहले उनकी दिव्यांग पेंशन अचानक बंद हो गई थी, जिसके कारण उन्हें अपने रोजमर्रा के खर्च चलाने और जीवन जीने में बहुत ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि उनकी पेंशन दोबारा शुरू की जाए ताकि उन्हें किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े।

​मामले की गंभीरता और मनोज की बेबसी को देखते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी ने मौके पर ही एक्शन लिया। उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारियों को निर्देश देकर तुरंत एक ट्राइसाइकिल मंगवाई और मनोज को सौंपी। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को पाबंद किया कि मनोज के दिव्यांगता से जुड़े सभी कागजातों की जांच की जाए और पात्रता के नियमों के तहत उनकी बंद पड़ी पेंशन को जल्द से जल्द दोबारा स्वीकृत किया जाए। प्रशासन के इस तुरंत और संवेदनशील फैसले से मनोज कुमार को बड़ी राहत मिली है और उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में ही अधिकारियों के प्रति अपना आभार जताया।

​गिट्टी का ओवरलोड परिवहन करने पर खनिज विभाग की कार्रवाई, हाइवा वाहन जप्त कर थाने भेजा

​कलेक्टर के निर्देश पर अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अभियान, न्यायालय में पेश होगा मामला

डिंडौरी। जिले में खनिजों के अवैध धंधे और क्षमता से अधिक परिवहन को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के मार्गदर्शन में खनिज विभाग की टीम लगातार चेकिंग अभियान चला रही है। इसी सिलसिले में खनिज विभाग के अमले ने डिंडौरी तहसील और थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सक्का में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने सड़क पर जा रहे एक हाइवा वाहन क्रमांक MP52ZA8144 को रोका, जिसमें गिट्टी भरी हुई थी।

​जांच करने पर पता चला कि हाइवा में क्षमता से बहुत ज्यादा ओवरलोड गिट्टी भरी थी और उसके पास वैध दस्तावेज भी नहीं थे। खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए वाहन चालक अर्जुन सोनवानी पिता मदन सिंह, निवासी ओड़हारी, तहसील घुघरी, जिला मंडला के कब्जे से गाड़ी को जप्त कर लिया। जप्त किए गए हाइवा वाहन को सुरक्षा के लिहाज से कोतवाली डिंडौरी थाने में खड़ा करवा दिया गया है। खनिज विभाग ने इस मामले में खनिज नियमों के तहत केस दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस पूरे मामले को जल्द ही कलेक्टर न्यायालय के सामने पेश किया जाएगा। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि पत्थरों, रेत और अन्य खनिजों का अवैध उत्खनन या ओवरलोड परिवहन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।

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