जबलपुर स्वास्थ्य महकमे में बड़ी प्रशासनिक हलचल, राशि गबन मामले की फाइल री-ओपन

Newzo
Newzo - News Editor 47 Views
2 Min Read

जबलपुर। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के वितरण में भारी वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले में पहले तैयार की गई जांच रिपोर्ट को दबाने का प्रयास किया जा रहा था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव यानी एसीएस हेल्थ अशोक वर्णवाल ने सीधे हस्तक्षेप किया है। एसीएस हेल्थ ने इस पूरे मामले की कमान अब जबलपुर जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को सौंप दी है। पूर्व में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जांच रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न करने और दोषियों को संरक्षण देने के आरोपों के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। अब जिला कलेक्टर इस पूरे घोटाले की फाइल खोलकर नए सिरे से जांच करवाएंगे। इस प्रशासनिक फेरबदल से विभाग में हड़कंप मच गया है और घोटाले में लिप्त संदिग्ध कर्मचारियों तथा अधिकारियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।

अधिकारियों की मिलीभगत और जांच रिपोर्ट दबाने का खेल

​प्रोत्साहन राशि में हुए इस वित्तीय हेरफेर को लेकर पूर्व में गठित टीम ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने इस पर पर्दा डालने का काम किया और महीनों तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्वास्थ्य मुख्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद एसीएस हेल्थ ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने स्थानीय स्तर पर चल रही ढुलमुल नीति को समाप्त करते हुए सीधे जिला कलेक्टर को इस गड़बड़ी की पूरी जांच और कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंप दी है। ​कलेक्टर को जिम्मा मिलने के बाद अब इस पूरे प्रकरण की फाइलों को खंगाला जा रहा है। प्रोत्साहन राशि वितरण के डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक खातों के लेन-देन का मिलान करके वास्तविक हकदार आशा कार्यकर्ताओं को न्याय दिलाने की मुहिम शुरू हो गई है।

Share This Article
error: This Content is protected !!