छात्र बिजली लाइन की चपेट में आकर झुलसा, प्राथमिक उपचार के बाद जबलपुर रेफर

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Newzo - News Editor
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डिंडोरी। जिले के विक्रमपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आनखेड़ा गांव में रविवार 31 मई को दोपहर करीब 12 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। यहां जामुन तोड़ने पेड़ पर चढ़ा 13 वर्षीय छात्र किस्मत मरावी अचानक पास से गुजर रही हाई वोल्टेज बिजली लाइन की चपेट में आ गया। करंट के जोरदार झटके से किशोर गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के समय साथ मौजूद बच्चों ने तुरंत उसके परिजनों को हादसे की जानकारी दी। बदहवास परिजन घायल छात्र को लेकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया। इस पूरी घटना ने एक बार फिर बिजली लाइनों के पास लगे पेड़ों से जुड़े खतरों को उजागर किया है।

​ऐसे हुआ ये हादसा

किस्मत मरावी रविवार दोपहर अपने कुछ दोस्तों के साथ गांव के पास ही जामुन तोड़ने गया था। फल तोड़ने के उत्साह में वह पेड़ पर ऊपर चढ़ गया, लेकिन वह इस बात से अनजान था कि घनी टहनियों के बीच से बिजली के तार गुजर रहे हैं। जैसे ही उसका शरीर बिजली की चालू लाइन से छुआ, जोरदार करंट लगा और वह झुलसते हुए नीचे की तरफ आ गया। नीचे खड़े बच्चे डर गए और भागकर परिजनों को पूरी बात बताई।

जबलपुर रेफर किया गया

जिला अस्पताल के डॉक्टर सुरेश मरावी ने बताया कि बिजली का करंट लगने के मामलों में इंसान के दिल पर बहुत बुरा असर पड़ने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से मरीज की सुरक्षा और कार्डियक जांच को ध्यान में रखते हुए किशोर को तुरंत मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजने का फैसला लिया गया। हालांकि प्राथमिक इलाज के बाद फिलहाल किशोर की हालत खतरे से बाहर बनी हुई है और डॉक्टर लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं।

​दो घण्टे बाद आई एंबुलेंस

घायल छात्र के परिजन लालू मरावी ने बताया कि अस्पताल से रेफर होने के बाद उन्हें 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क करने पर करीब 2 घंटे तक लंबा इंतजार करना पड़ा। इस देरी की वजह से झुलसे हुए बच्चे को समय पर जबलपुर ले जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ी। इस मामले पर 108 एंबुलेंस सेवा के जिला प्रबंधक रवि वर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि जिले की सभी उपलब्ध एंबुलेंस पहले से ही अन्य गंभीर मरीजों को लेकर जबलपुर और शहडोल गई हुई थीं, जिस कारण यह स्थिति बनी।

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