
कटनी। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आने वाले कटनी सर्किल के स्लीमनाबाद क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक दुर्घटना सामने आई है। यहाँ के मतवारा गांव में बुधवार को बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के दौरान एक आउटसोर्स कर्मचारी करंट की चपेट में आ गया। प्राप्त विवरण के अनुसार कनिष्ठ अभियंता सुमित सिंह के निर्देश पर संविदा कर्मी ओमप्रकाश यादव अपने सहयोगियों के साथ मतवारा गांव की विद्युत डीपी पर 100 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर रहा था। इसी दौरान सुरक्षा के तमाम दावों के विपरीत वह अचानक हाई टेंशन लाइन में आए करंट का शिकार हो गया। विद्युत का झटका इतना जोरदार था कि वह करीब 8 फीट की ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरा, जिससे उसके दोनों हाथ और दोनों पैर बुरी तरह जल गए। घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय अधिकारियों सहित मप्रविम तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने स्थिति का जायजा लिया और झुलसे हुए कर्मचारी को तत्काल इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया।
ग्रामीणों के सहयोग से चल रहा था काम
विद्युत वितरण केंद्र स्लीमनाबाद के अंतर्गत मतवारा गांव की बिजली समस्या को दूर करने के लिए कनिष्ठ अभियंता सुमित सिंह ने ठेका कंपनी टीएंडएम के जरिए तैनात आउटसोर्स कर्मचारी ओमप्रकाश यादव को काम पर भेजा था। भारी-भरकम ट्रांसफार्मर को डीपी पर चढ़ाने के लिए सुरक्षा मानकों के अनुसार 2 कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय 6 से 8 ग्रामीणों की मदद भी ली जा रही थी। सभी लोग मिलकर आपसी सहयोग से ट्रांसफार्मर को ऊपर खींचकर स्थापित कर चुके थे। इसके बाद जब ओमप्रकाश यादव पोल पर चढ़कर सीलिंग तार को मजबूत करने के लिए नट-बोल्ट कसने लगा, तभी अचानक तारों में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो गया। करंट लगते ही ओमप्रकाश अचेत होकर लगभग 8 फीट नीचे पथरीली जमीन पर आ गिरा। अचानक हुए इस हादसे से मौके पर भगदड़ मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए घायल कर्मचारी को उठाया और तुरंत पास के शासकीय चिकित्सालय लेकर भागे।
सुरक्षा परमिट के बाद भी तकनीकी चूक, जबलपुर में इलाज जारी
इस गंभीर हादसे के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। विभागीय नियमों के तहत काम शुरू करने से पहले संबंधित डीएल लाइन को पूरी तरह बंद रखने का परमिट लिया गया था। इसके बावजूद हादसा होने का मुख्य कारण 11 केवी फीडर की डीएल और एवी लाइनों का आपस में क्रॉस होना बताया जा रहा है। इसी क्रॉसिंग की वजह से बंद लाइन में भी अचानक तेज करंट आ गया, जिसका अंदाजा पोल पर काम कर रहे कर्मचारी को नहीं था। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने पीड़ित के शरीर की गंभीर स्थिति और अत्यधिक झुलसे अंगों को देखने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत जबलपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रवाना कर दिया। वर्तमान में तकनीकी कर्मचारी संघ के सहयोग से घायल ओमप्रकाश यादव का गहन उपचार किया जा रहा है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
