एनएच पीडब्ल्यूडी की बड़ी लापरवाही उजागर, शहपुरा एसडीएम की मुस्तैदी से टला सड़क हादसा

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Newzo - News Editor 67 Views
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जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में मामला उठने के बाद भी अधिकारियों ने नहीं की कोई कार्रवाई

डिंडौरी। जिले के शहपुरा से कुंडम मार्ग पर एनएच पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा निर्माणाधीन और अधूरी सड़क पर सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी का मामला सामने आया है। यहां जिम्मेदार विभाग ने सड़क पर किसी भी तरह के चेतावनी बोर्ड, संकेतक या बैरिकेड नहीं लगाए हैं, जिससे हर समय बड़े हादसों का डर बना रहता है। इस लापरवाही के बीच 26 मई 2026 को क्षेत्रीय भ्रमण से लौट रहे शहपुरा एसडीएम ने जब इस खतरनाक स्थिति को देखा, तो उन्होंने तुरंत अपनी गाड़ी रुकवाई। एसडीएम ने मौके पर ही प्रशासन के सहयोग से अस्थायी बैरिकेड लगवाकर राहगीरों और वाहन चालकों की जान सुरक्षित करने का प्रयास किया। स्थानीय निवासियों ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

​सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के बाद भी विभाग ने नहीं चेता

​शहपुरा-कुंडम मार्ग का निर्माण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। नियमानुसार निर्माण एजेंसी और एनएच पीडब्ल्यूडी विभाग की यह जिम्मेदारी होती है कि वे अधूरे रास्तों पर पर्याप्त रोशनी, रिफ्लेक्टर और साइनबोर्ड की व्यवस्था करें। इस मार्ग पर सुरक्षा के इंतजाम न होने का मुद्दा जिला सड़क सुरक्षा समिति की आधिकारिक बैठक में भी प्रमुखता से रखा गया था। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों ने मौके पर कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाए। मार्ग पर गड्ढों और अचानक आने वाले मोड़ों की वजह से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए रात के समय सफर करना जानलेवा साबित हो रहा है।

​एसडीएम के औचक निरीक्षण और तत्परता से टला बड़ा हादसा

​मंगलवार को शहपुरा एसडीएम अपने निर्धारित क्षेत्र का दौरा पूरा करके वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर इस अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर पड़ी, जहां सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। मामले की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तुरंत अपने वाहन को रुकवाया। एसडीएम ने मौके पर मौजूद रहकर सड़क के दोनों तरफ अस्थायी रूप से लकड़ी और अन्य साधनों से बैरिकेडिंग करवाई। उनकी इस त्वरित कार्रवाई के कारण मार्ग से गुजरने वाले सैकड़ों यात्रियों को संभावित दुर्घटनाओं से बचाया जा सका। प्रशासनिक प्रमुख की इस संवेदनशीलता और काम करने के तरीके को देखकर वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

​स्थायी प्रबंधों को लेकर उठ रहे हैं गंभीर सवाल

​एसडीएम की इस पहल के बाद अब स्थानीय जनता और राहगीरों के बीच एनएच पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि जो काम विभाग को महीनों पहले कर लेना चाहिए था, उसे कराने के लिए एसडीएम को खुद सड़क पर उतरना पड़ा। क्षेत्र के नागरिक अब यह मांग कर रहे हैं कि अधूरी सड़क पर केवल अस्थायी इंतजामों से काम नहीं चलेगा, बल्कि विभाग को यहां तुरंत स्थायी साइनबोर्ड, दिशा-सूचक और चमकीले रिफ्लेक्टर लगाने चाहिए। यदि विभाग अब भी नहीं जागा, तो आने वाले दिनों में यहां कोई भी अप्रिय घटना घट सकती है।

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