आयुक्त धनंजय सिंह भदौरिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से जानी प्रगति की रिपोर्ट
कलेक्टर और डीएफओ समेत जिले के आला अधिकारी बैठक में रहे मौजूद

डिंडौरी । जबलपुर संभाग के आयुक्त धनंजय सिंह भदौरिया ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डिंडौरी जिले के विभिन्न शासकीय विभागों की योजनाओं, प्रगतिरत विकास कार्यों और निर्माणाधीन परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की। इस महत्वपूर्ण बैठक में शासन की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे, जिनमें कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, डीएफओ भारती ठाकरे, जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी, अपर कलेक्टर जेपी यादव, डिप्टी कलेक्टर वैधनाथ वासनिक और जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त राजेन्द्र कुमार जाटव सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी शामिल हुए। संभाग आयुक्त ने सभी को जनहित के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अनेक शासकीय विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान संभाग आयुक्त ने जिले के विकास से जुड़े 15 से अधिक प्रमुख विभागों के कामकाज का लेखा-जोखा लिया। बैठक में मुख्य रूप से किसान कल्याण तथा कृषि विकास, उद्योग विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, पुलिस विभाग, खनिज, शिक्षा, स्वास्थ्य और वन विभाग की गतिविधियों की पड़ताल की गई। इसके साथ ही जनजातीय कार्य, राजस्व, महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, पशुपालन एवं डेयरी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, वाटरशेड और खाद्य विभाग से जुड़े निर्माण कार्यों व योजनाओं की वर्तमान स्थिति की भी विस्तार से जानकारी ली गई। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर कार्य करें ताकि धरातल पर बेहतर परिणाम दिखाई दें।
वनग्रामों में पट्टा वितरण और मिलावटखोरों पर सख्त कार्यवाही के निर्देश
बैठक में डिंडौरी जिले की स्थानीय समस्याओं और प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। संभाग आयुक्त ने वनग्रामों में निवास करने वाले पात्र किसानों को पट्टा वितरण की प्रक्रिया की समीक्षा की और इसमें गति लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर रुख अपनाने की बात कही। आयुक्त ने खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले व्यापारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही और औचक निरीक्षण करने के सख्त निर्देश जिला प्रशासन को दिए ताकि बाजार में शुद्ध सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने और आमजन को लाभ पहुंचाने की हिदायत
समीक्षा के अंत में विभागीय अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप काम करने की नसीहत दी गई। आयुक्त ने कहा कि सभी सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन इस तरह होना चाहिए कि समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी उसका पूरा लाभ मिले। जितने भी विकास कार्य और अधोसंरचना परियोजनाएं जिले में निर्माणाधीन हैं, उन्हें एक निश्चित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित मॉनिटरिंग करने और जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के लिए पाबंद किया गया।
