घर फूंकने की नीयत से आए थे आरोपी, गाड़ियां तोड़ीं,दो दर्जन बदमाशों ने मचाया आतंक



जबलपुर। गौर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गौर निवास में रात करीब 12:30 बजे कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर 20 से 25 असामाजिक तत्वों ने एक घर पर सुनियोजित तरीके से धावा बोल दिया। हमलावर लाठी, डंडों और धारदार हथियारों से पूरी तरह लैस होकर आए थे। इस भीड़ ने स्थानीय निवासी आलोक शुक्ला के मकान को चारों तरफ से घेर लिया और मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हो गए। आरोपियों ने हत्या करने की नीयत से वहां मौजूद आलोक शुक्ला और रोनी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गए। वारदात को अंजाम देने वालों में मुख्य रूप से शिवम चौबे, लखन दुबे महाराज, दीपू महाराज, शुभम दुबे, हिमांशु दुबे, छोटू दुबे, रामनारायण दुबे और दिलराज ढिल्लों सहित उनके परिवार के अन्य लोग शामिल थे। हमलावरों ने न केवल दोनों युवकों को गंभीर रूप से जख्मी किया, बल्कि परिसर और घर के अंदर जमकर तबाही मचाई। घटना के बाद से क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल बना हुआ है।
हथियारों से लैस भीड़ ने घर को घेरा
रात के सन्नाटे में हुई इस वारदात ने पूरे गौर चौकी क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। पीड़ित आलोक शुक्ला और रोनी अपने घर के भीतर मौजूद थे, तभी अचानक 20 से 25 लोगों की उग्र भीड़ ने उनके पूरे मकान की घेराबंदी कर ली। हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने बिना किसी डर के मकान का मुख्य दरवाजा तोड़ दिया। घर के अंदर घुसते ही बदमाशों ने आलोक और रोनी को संभलने का मौका भी नहीं दिया और उन पर सीधे हथियारों से वार करना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जब तक आस-पड़ोस के लोग मदद के लिए घरों से बाहर निकले और मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी दोनों पीड़ितों को अधमरा कर चुके थे। वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
मकान के अंदर और बाहर भारी तबाही
आलोक और रोनी पर जानलेवा हमला करने के बाद भी बदमाशों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। इन असामाजिक तत्वों ने पूरे घर को तहस-नहस करने के उद्देश्य से जमकर उत्पात मचाया। घर के आंगन और बाहर खड़ी गाड़ियों को पत्थरों तथा डंडों से मार-मारकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके बाद बदमाशों ने कमरों के भीतर प्रवेश किया और वहां रखे टेलीविजन, कीमती फर्नीचर, घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य सामग्रियों को पूरी तरह से तोड़ डाला। पूरे मकान के फर्श और दीवारों पर खून के धब्बे लगे हैं तथा कीमती सामान बिखरा पड़ा है। इस पूरी गुंडागर्दी के कारण पीड़ित परिवार को शारीरिक चोटों के साथ-साथ बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है।
पीड़ितों को लगातार मिल रही धमकियां
इस दुस्साहसिक घटना के बीत जाने के बाद भी पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। वारदात के अगले दिन से ही नामजद आरोपियों और उनके करीबियों द्वारा पीड़ित परिवार तथा घायलों को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। आरोपी सीना ठोककर खुलेआम घूम रहे हैं और केस वापस न लेने पर अंजाम भुगतने की बात कह रहे हैं। अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजन इस समय बेहद डरे और सहमे हुए हैं। बदमाशों की इस खुलेआम धमकी के कारण पीड़ित परिवार अपने ही घर और क्षेत्र में असुरक्षित महसूस कर रहा है, जिससे उनकी मानसिक परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है।
स्थानीय नागरिकों में आक्रोश, दहशत
इस खूनी खेल के बाद से गौर क्षेत्र के आम नागरिकों में प्रशासन के प्रति भारी निराशा और गहरा डर व्याप्त हो गया है। स्थानीय निवासियों का साफ कहना है कि अपराधियों के मन से कानून और पुलिस का खौफ पूरी तरह खत्म हो चुका है, तभी वे किसी के भी घर में इस तरह घुसकर जानलेवा हमला कर रहे हैं। मोहल्ले में दहशत का ऐसा माहौल है कि लोग शाम ढलते ही अपने घरों से निकलने में कतरा रहे हैं। नागरिकों ने एकजुट होकर मांग की है कि शिवम चौबे, लखन दुबे, दीपू, शुभम, हिमांशु, छोटू, रामनारायण और दिलराज ढिल्लों सहित सभी 20 से 25 आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उन पर ऐसी कड़ी कार्रवाई हो जो भविष्य के लिए नजीर बने।
