
ओरछा में होगी नई भाजपा कार्यसमिति की पहली बैठक, तैयारियां शुरू
भाजपा कार्यसमिति में महिलाओं को तवज्जो, 33 प्रतिशत को मिल सकता है मौका
भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा में नई प्रदेश कार्यसमिति के गठन को लेकर संगठनात्मक स्तर पर मंथन का दौर अंतिम चरण में पहुंच गया है। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व से मिले निर्देशों के बाद इस बार कार्यसमिति के आकार को काफी छोटा रखने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को संगठन की कमान संभाले करीब 10 महीने का समय बीत चुका है, जिसके बाद अब नई टीम की घोषणा अगले सप्ताह होने की संभावना है। पार्टी के सामने इस बार सबसे बड़ी चुनौती वरिष्ठ और नए नेताओं के बीच संतुलन बनाने की है। माना जा रहा है कि इस नई सूची में कुल सदस्यों की संख्या को घटाकर 110 से भी कम किया जा सकता है। कार्यसमिति की पहली बैठक जून महीने में ओरछा में आयोजित होना संभावित है।
आकार छोटा करने की बड़ी चुनौती
संगठन के सामने इस समय सबसे बड़ा संकट वरिष्ठ नेताओं को संतुष्ट रखने और नए चेहरों को मौका देने के बीच सामंजस्य बिठाने का बना हुआ है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के कार्यकाल के दौरान घोषित की गई पिछली टीम में कुल 463 सदस्य शामिल थे। उस समय कार्यसमिति में 187 मुख्य सदस्य, 52 स्थायी आमंत्रित सदस्य और 224 विशेष आमंत्रित सदस्यों को जगह दी गई थी। इसके अलावा पूर्व के अन्य अध्यक्षों के कार्यकाल में भी यह संख्या लगभग 400 के आसपास बनी रहती थी। इस बार पार्टी हाईकमान की मंशा के अनुरूप टीम को चुस्त-दुरुस्त और सीमित रखने के कारण कई वर्तमान सदस्यों के नाम कटने की पूरी संभावना दिखाई दे रही है, जिससे आंतरिक समीकरणों को संभालना एक कठिन काम हो गया है।
क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों पर जोर
कार्यसमिति का आकार छोटा होने के कारण पार्टी सूत्रों के अनुसार क्षेत्रीय और सामाजिक प्राथमिकताओं को सेट करना ज्यादा पेचीदा हो गया है। संगठन को प्रदेश के सभी जिलों को उचित प्रतिनिधित्व देना है, ताकि जमीनी स्तर पर कोई असंतोष न उपजे। नई टीम में पुराने अनुभवी दिग्गजों के साथ-साथ ऊर्जावान नए चेहरों की भागीदारी तय करने की रणनीति बनाई जा रही है। इसमें स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों का कोटा कितना तय होगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। इसके साथ ही महिला प्रतिनिधित्व को बेहतर करने और संतुलन बनाए रखने के लिए 33 फीसदी महिलाओं को शामिल करने की नीति पर भी गंभीरता से काम चल रहा है।
अप्रैल में होना था ऐलान
पार्टी की नई कार्यसमिति, स्थायी सदस्यों और विशेष आमंत्रितों के नामों के चयन के साथ ही इसकी पहली बैठक की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है। हालांकि मार्च महीने में ही पत्रकार वार्ता के दौरान यह संकेत दिए गए थे कि पहली बैठक अप्रैल में होगी, लेकिन किन्हीं कारणों से मई के अंत तक भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। अब प्रदेश संगठन ने बैठक के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल ओरछा का चयन किया है। पदाधिकारियों की घोषणा पूर्व में ही की जा चुकी है और अब कार्यसमिति के गठन की पूरी कवायद अपने अंतिम चरण में है। इस अंतिम सूची के जारी होते ही जून माह में ओरछा में होने वाली पहली बैठक की तारीख का भी आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।
