
जबलपुर। डिंडौरी जिले के ग्राम घुटैना रैयत निवासी 46 वर्षीय पंचम सिंह परस्ते की 20 वर्षीय बेटी को सिलाई प्रशिक्षण का लालच देकर दो युवक अपने साथ ले गए। खमरिया-पिपरिया के रहने वाले इन युवकों ने पहले युवती को भरोसे में लिया और 5 जून को उसे घर से ले गए। आरोपियों ने उसे बैंगलोर, उज्जैन और भोपाल में घुमाने के बाद राजस्थान ले जाकर छोड़ दिया है। अब पीड़िता लगातार अपने पिता को फोन कर मदद की गुहार लगा रही है, जबकि दोनों युवकों के मोबाइल फोन बंद आ रहे हैं। इस गंभीर मामले में पीड़ित पिता ने पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर आपबीती सुनाई है, जिसके बाद खमरिया थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवती की तलाश तेज कर दी है।
सिलाई प्रशिक्षण के नाम पर रची गई साजिश
आरोपियों ने युवती को बेहतर भविष्य और सिलाई सीखने का सुनहरा सपना दिखाया था। पिता ने विश्वास करके अपनी बेटी को उनके साथ भेजा, लेकिन अब उन्हें अपनी बेटी की सुरक्षा की चिंता सता रही है। राजस्थान से आ रही फोन कॉल्स में बेटी की घबराहट साफ सुनाई दे रही है, जिससे परिजन सदमे में हैं। पुलिस को दिए बयान में पिता ने स्पष्ट किया है कि खमरिया-पिपरिया के रहने वाले दोनों युवकों ने ही उनकी बेटी को अगवा किया है। घटना के बाद से ही पूरे क्षेत्र में आक्रोश है और ग्रामीण जल्द से जल्द युवती की सकुशल वापसी की मांग कर रहे हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है ताकि युवती को सुरक्षित घर लाया जा सके।
मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर रही पुलिस
पुलिस की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि गुमशुदगी के आधार पर केस दर्ज किया गया है और जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लेकर युवती को उनके चंगुल से छुड़ाया जाएगा। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दबिश देने की तैयारी शुरू कर दी है। पीड़िता के परिजनों का कहना है कि वे हर दिन पुलिस दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं ताकि बेटी का पता चल सके। पूरे घटनाक्रम ने डिंडौरी में रहने वाले परिवारों को सतर्क कर दिया है। फिलहाल पिता को उम्मीद है कि प्रशासन की तत्परता से उनकी बेटी जल्दी ही उनके पास होगी।
