
जबलपुर। डिंडौरी में गुरुवार सुबह कुर्करामठ गांव की सुमन ठाकुर ने नर्मदा नदी के पुल से कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। शादी के 7 साल बाद और 2 बच्चों की मां सुमन अपने पति सुनील ठाकुर के लगातार तानों से परेशान थीं। उनका मायका खरगहना गांव में है और बुधवार दोपहर पति से विवाद होने पर वह घर छोड़कर डिंडौरी आ गई थी। रात उसने नर्मदा किनारे एक धर्मशाला में बिताई और अगली सुबह करीब 25 फीट नीचे पानी में छलांग लगा दी। चाय विक्रेता राजेश बर्मन की नजर पड़ने पर वहां भगदड़ मच गई और स्वयंसेवक योगेश कुमार पंचभाय ने नदी में कूदकर उनकी जान बचा ली। सिटी कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि महिला अपने भाई के साथ सुरक्षित घर चली गई है।
पति के तानों से तंग आकर उठाया कदम
घटना के पीछे पारिवारिक कलह मुख्य वजह सामने आई है। सुमन ठाकुर का अपने पति सुनील ठाकुर के साथ बुधवार को किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। इसके बाद वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो गई और गुस्से में घर छोड़कर सीधे डिंडौरी पहुंच गई। बुधवार की पूरी रात उसने नर्मदा नदी के किनारे बनी एक धर्मशाला में अकेले बिताई। अगली सुबह जब सूरज निकला तो वह सीधे डिंडौरी के मुख्य नर्मदा पुल पर जा पहुंची। पुल के पास चाय की दुकान चलाने वाले स्थानीय निवासी राजेश बर्मन ने उन्हें अकेले चलते हुए देखा था। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, महिला ने अचानक पुल की रेलिंग से करीब 25 फीट नीचे गहरे पानी में छलांग लगा दी। पानी में गिरते ही वहां कोहराम मच गया और आसपास मौजूद लोगों ने जोर-जोर से मदद की गुहार लगानी शुरू कर दी।
सतर्क नागरिक ने नदी में कूदकर बचाई जान
उस समय मौके पर मौजूद स्वयंसेवक योगेश कुमार पंचभाय अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। सुबह करीब 8 बजे जब उन्होंने पुल पर भारी भीड़ देखी तो मामले की गंभीरता को तुरंत भांप गए। उन्होंने बिना एक पल गंवाए उफनती नर्मदा के पानी में छलांग लगा दी और डूब रही सुमन को मजबूती से पकड़कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। हालांकि पुलिस के मौके पर पहुंचने से पहले ही महिला का भाई उसे अपने साथ सुरक्षित घर ले जा चुका था। सिटी कोतवाली निरीक्षक दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने मीडिया को बताया कि इस मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बावजूद पुलिस दोनों पक्षों से संपर्क साध रही है ताकि पति-पत्नी की काउंसलिंग की जा सके और भविष्य के लिए आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकें।
