जबलपुर में कौन चला रहा है भाजपा का नगर संगठन! भोपाल से उछलकर ये सवाल जबलपुर पहुंचा,खलबली

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Newzo - News Editor 42 Views
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जबलपुर। जबलपुर भारतीय जनता पार्टी के नगर संगठन में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पूरा संगठन एक ही पदाधिकारी के इर्द-गिर्द सिमट कर रह गया है। इस पदाधिकारी की कार्यशैली ने न केवल स्थानीय विधायकों बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में भी भारी नाराजगी पैदा कर दी है। स्थिति यह है कि संगठन के कार्यक्रमों की रूपरेखा हो, किसी आयोजन में शामिल होने का निर्णय हो या फिर आमंत्रण देने की प्रक्रिया, हर जगह केवल इसी एक चेहरे का एकाधिकार दिखाई देता है। जब भोपाल स्थित प्रदेश मुख्यालय से यह सवाल पूछा गया कि जबलपुर में संगठन आखिर कौन चला रहा है, तो वहां के जिम्मेदार पदाधिकारी भी स्पष्ट जवाब देने के बजाय बगलें झांकते नजर आए। नियुक्ति से पहले भी यह पदाधिकारी पर्दे के पीछे से सक्रिय थे और हर फोटो फ्रेम में अपनी जगह सुनिश्चित करते थे। अब औपचारिक पद मिलने के बाद उन्होंने पूरे संगठन पर अपनी पकड़ और अधिक मजबूत कर ली है, जबकि वरिष्ठ पदाधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।

​एक पदाधिकारी की मर्जी से चल रहा कामकाज

​जबलपुर के भाजपा संगठन में मची इस खलबली के पीछे की मुख्य वजह एक नवनियुक्त पदाधिकारी का बढ़ता प्रभाव है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि संगठन की गरिमा और कार्यप्रणाली को दरकिनार कर केवल एक व्यक्ति की इच्छाशक्ति से निर्णय लिए जा रहे हैं। कार्यक्रम की प्लानिंग से लेकर आमंत्रण सूची तक हर चीज का फैसला यही पदाधिकारी कर रहे हैं, जिससे वरिष्ठ नेताओं की भूमिका गौण हो गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि स्थानीय विधायकों ने भी इस मनमानी के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अभाव हो गया है, जिसका सीधा असर पार्टी की छवि पर पड़ रहा है।

​भोपाल पहुंची शिकायतों की गूंज,हलचल शुरू

​इस अघोषित नियंत्रण की शिकायतें जबलपुर से भोपाल तक पहुंच चुकी हैं। प्रदेश संगठन के उच्च स्तर पर जब यह पूछा गया कि जबलपुर में असल में संगठन का संचालन कौन कर रहा है, इसका ठोस जवाब किसी के पास नहीं है। इस पर संज्ञान लेते हुए भोपाल संगठन ने जबलपुर में उक्त पदाधिकारी की कार्यशैली और प्रभाव पर एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार करवाने का निर्णय लिया है। सूत्रों के मुताबिक, जुलाई 2026 के अंत तक यह रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय पहुंच जाएगी, जिसमें इस बात का ब्यौरा होगा कि कैसे एक व्यक्ति पूरे संगठन की गतिविधियों को अपने हिसाब से संचालित कर रहा है।

​बोलने से बच रहे मगर हैं खफा

​संगठन में एक व्यक्ति विशेष के बढ़ते प्रभाव से पुराने और वफादार नेता काफी खफा हैं। जबलपुर नगर संगठन के उच्च पदाधिकारी इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। जब उनसे इस बारे में पूछा जाता है तो वे केवल इतना ही कहते हैं कि सभी संगठन के नियमों के अनुसार काम कर रहे हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। वरिष्ठ पदाधिकारियों को कई बार चेताया गया है कि किसी एक व्यक्ति पर निर्भरता संगठन के लिए घातक हो सकती है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुनवाई नहीं हुई है। इसी के चलते जनता के बीच पार्टी की छवि कमजोर होती जा रही है।

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