जबलपुर का ईनामी बदमाश गुजरात में दबोचा गया

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Newzo - News Editor 53 Views
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जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र स्थित बड़ा पत्थर निवासी शातिर बदमाश तरुण पटेल को पुलिस टीम ने गुजरात से धर दबोचा है। मई महीने में इंदिरा आवास निवासी रवि कोरी पर जानलेवा हमला करने के बाद से वह लगातार ठिकाने बदल रहा था। इस वारदात में शामिल उसके 3 मददगार मोनू खान, सोनू यादव और शौरभ बैन पहले ही सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। पुलिस ने 5000 रुपए के इनामी इस मुख्य आरोपी के कब्जे से हमले में इस्तेमाल लोहे की रॉड भी जब्त कर ली है। रवि ने आरोपियों से 2 लाख रुपए देकर एक मकान का सौदा तय किया था। बकाया रकम देकर बैनामा कराने का दबाव बनाने पर घर में घुसकर प्राणघातक हमला और चौपहिया वाहन में तोड़फोड़ की गई थी। पकड़ा गया आरोपी आदतन अपराधी है, जिस पर 24 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।

​संपत्ति के पुराने सौदे ने लिया खूनी रूप

​मकान की खरीद-फरोख्त को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव का माहौल बना हुआ था। खरीदार द्वारा पूरी तय राशि का भुगतान करने और नियमानुसार नामांतरण कराने की मांग लगातार की जा रही थी। इसके विपरीत आरोपी पक्ष न तो बची हुई रकम लेने को तैयार था और न ही संपत्ति का कानूनी अधिकार सौंपना चाहता था। बातचीत के जरिए समाधान निकालने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से पीड़ित के निजी परिसर में अनाधिकृत प्रवेश किया गया। अचानक किए गए इस हिंसक हमले में पीड़ित को गंभीर शारीरिक चोटें आईं और आवासीय परिसर के बाहर खड़ी गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दहशत फैलाई गई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई और संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।

​तकनीकी साक्ष्यों के जरिए पकड़ा गया शातिर आरोपी

​वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य सूत्रधार शहर छोड़कर अन्य राज्यों में शरण लेने लगा। लगातार बदलते ठिकानों के बीच साइबर सेल और सर्विलांस नेटवर्क की मदद से उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक की गई। सूचना पुख्ता होते ही एक विशेष पुलिस दल का गठन कर पश्चिमी राज्य के चिन्हित पते पर त्वरित छापेमारी की गई। घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी को विधिवत अभिरक्षा में लेकर स्थानीय स्तर पर लाया गया और घटना से जुड़े सभी भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए। पूर्व में दर्ज दर्जनों आपराधिक मामलों को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपी के पुराने नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के उपरांत आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

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