
डिंडौरी। जिले के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत भपसा गांव में शनिवार को खरमेर नदी के तेज बहाव में एक व्यक्ति बह गया। भपसा निवासी कुंदन यादव, पिता तितरा यादव, अपने भांजे सोनू लाल यादव के साथ डुंगरिया गांव से पैदल घर लौट रहे थे। लगातार बारिश के कारण नदी पर बने स्टॉप डेम की पुलिया के ऊपर से तेज धार बह रही थी। रपट पार करते समय कुंदन अनियंत्रित होकर गहरे पानी में समा गए। हादसे के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चल सका है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे के नेतृत्व में पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम बोट के जरिए लगातार सघन तलाशी अभियान चला रही है।
भांजे के देखते-देखते ही धार में समाया मामा
घटना के समय दोनों लोग सुरक्षित तरीके से गांव पहुंचने की जल्दी में थे। रास्ते में नदी का उफान देखकर भी उन्होंने रपट पार करने का फैसला लिया। भांजा आगे कदम बढ़ाते हुए पुलिया के दूसरे छोर की तरफ बढ़ रहा था। तभी पीछे से अचानक तेज आवाज आई और मुड़कर देखने पर कुंदन पानी की तेज लहरों के बीच संतुलन खोकर बहते दिखाई दिए। भांजे ने जान बचाने के लिए जोर से आवाज लगाई, जिसकी आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े। पानी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण कोई भी व्यक्ति तुरंत नदी में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सका। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल सिटी कोतवाली पुलिस को घटना से अवगत कराया।
एसडीईआरएफ की टीम ने नदी में चलाया सर्च
सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल शनिवार दोपहर 3 बजे घटनास्थल पर पहुंचा। शाम ढलने और कम रोशनी के कारण शनिवार को सर्च अभियान रोकना पड़ा था। रविवार सुबह होते ही रेस्क्यू टीम ने आधुनिक उपकरणों और लाइफ जैकेट की मदद से दोबारा खोज शुरू की। गोताखोर नदी के किनारों, झाड़ियों और गहरे पानी वाले संभावित ठिकानों पर बहे व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं। डाउनस्ट्रीम में स्थित गांवों की पंचायतों और कोटवारों को भी हुलिया बताकर जानकारी दी गई है ताकि कोई सुराग दिखते ही तुरंत पता चल सके। थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने नागरिकों से अपील की है कि मानसूनी सीजन में जलमग्न पुलियों और रपटों से आवागमन पूरी तरह बंद रखें ताकि ऐसी अनहोनी से बचा जा सके।
