
जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में 22 अगस्त को दोपहर 12 बजे आयोजित बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा में भारी अव्यवस्था सामने आई। यहां बिजनेस इकोनॉमिक्स के स्थान पर बिजनेस इकोनॉमिक्स ऑब्जर्वेशनल बिहेवियर का गलत प्रश्न पत्र वितरित होने से विवाद खड़ा हो गया। छात्रा भूमिका शुक्ला सहित अन्य परीक्षार्थियों ने पढ़ाए गए पाठ्यक्रम से इतर सवाल देखकर कड़ा ऐतराज जताया। उचित समाधान न मिलने पर नाराज विद्यार्थी कक्ष छोड़कर बाहर निकल आए और सोमवार को विश्वविद्यालय गेट पर प्रदर्शन कर जनरल प्रमोशन की मांग उठाई। इस दौरान छात्रों ने कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल को विस्तृत ज्ञापन दिया, जिस पर उन्होंने परीक्षा नियंत्रक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और किसी को भी अनुत्तीर्ण न करने का भरोसा दिया।
गलत पर्चे पर री-एग्जाम का बढ़ा विरोध
परीक्षा केंद्र पर जब छात्रों को निर्धारित विषय से भिन्न प्रश्न पत्र मिला, तो उन्होंने तुरंत कक्ष निरीक्षक और विभागाध्यक्ष को इस गंभीर चूक से अवगत कराया। प्रबंधन की ओर से केवल ढांढस बंधाया गया, लेकिन कोई ठोस विकल्प तत्काल नहीं निकाला जा सका। इसके बाद विभाग द्वारा पूरे बैच को दोबारा परीक्षा में बैठने का मौखिक निर्देश जारी किया गया। चेतावनी दी गई कि यदि विद्यार्थी पुनर्परीक्षा में शामिल नहीं होते हैं, तो उनका परीक्षा परिणाम रोक दिया जाएगा अथवा उन्हें फेल घोषित कर दिया जाएगा। छात्रों का तर्क है कि जब गलती प्रशासन स्तर पर हुई है, तो उसका मानसिक और अकादमिक खामियाजा परीक्षार्थी क्यों भुगतें। इसी बीच छात्रों की बात का समर्थन करने वाले अतिथि शिक्षक को भी संस्थान से हटाने का दबाव बनाया गया, जिससे आक्रोश और अधिक भड़क गया।
दोषी कर्मचारियों पर सख्त एक्शन की तैयारी
मामला तूल पकड़ते ही प्रशासनिक भवन में अधिकारियों की बैठक बुलाई गई। छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक सत्र के दौरान उन्हें जो पाठ्यक्रम पढ़ाया ही नहीं गया, उसके आधार पर उनका मूल्यांकन करना सरासर अन्याय है। कुलसचिव ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए आश्वस्त किया कि किसी भी निर्दोष परीक्षार्थी का अकादमिक सत्र खराब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि प्रश्न पत्र तैयार करने, उसकी मॉडरेशन प्रक्रिया और परीक्षा हाल तक पहुंचाने वाली पूरी श्रृंखला की समीक्षा की जा रही है। गोपनीयता शाखा और वितरण व्यवस्था में जिस भी स्तर पर लापरवाही पाई जाएगी, संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
