
जबलपुर। जिले के बरगी बांध कैचमेंट एरिया डिंडौरी और मंडला में बारिश थमने से आवक काफी कम हो गई है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए प्रबंधन ने पूर्व में खोले 13 गेटों में से 4 के बाद अब 4 अन्य गेट भी पूरी तरह से बंद कर दिए हैं। आज शनिवार सुबह 8 बजे केवल कुल 5 गेट 0.50 मीटर ऊंचाई तक खुले रखे गए हैं। खुले गेटों व नहरों से नर्मदा में 582 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। वर्तमान में पानी की आवक 961 क्यूमेक होने से कुल जलस्तर बढ़कर 421.15 मीटर हो गया है। इधर पानी की मात्रा घटने से नर्मदा नदी के घाटों पर पिछले 3 से 4 दिनों में बढ़ा हुआ जलस्तर भी अब नीचे की तरफ उतरने लगा है।
निचले इलाकों में रहने वालों को मिली राहत
लगातार तेज बारिश के कारण नदियां पूरी तरह उफान पर थीं और किनारों के ऊपर तक बहाव पहुंच गया था। अब स्थिति सुधरने से तटीय क्षेत्रों के हजारों निवासियों ने बड़ी शांति महसूस की है। स्थानीय प्रशासन लगातार पूरी व्यवस्था पर बारीकी से नजर रखे हुए है। मौसम साफ होने से ग्रामीण क्षेत्रों से भी जलभराव खत्म होने लगा है। जीवन फिर से पटरी पर लौटता हुआ दिखाई दे रहा है।
आगामी मौसम के अनुसार ही लिया जाएगा फैसला
संबंधित विभाग जल ग्रहण क्षेत्र के पूर्वानुमान के आधार पर ही कोई अंतिम निर्णय लेता है। जब भी भारी बारिश की संभावना होती है, तो एहतियातन निकासी बढ़ाकर बांध का अतिरिक्त दबाव कम किया जाता है। अभी किनारों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा पूरी तरह टल गया है। आने वाले समय में आवश्यकता के अनुसार ही दोबारा संचालन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। फिलहाल नदी अपनी सामान्य गति की तरफ लौट रही है।
