सावन में भी रूठे बदरा, जबलपुर के जलाशयों का घटता जलस्तर बना चिंता

Newzo
Newzo - News Editor 155 Views
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जबलपुर। शहर में लगभग 2 दशक बाद सूखे जलाशयों के कारण पानी का गंभीर संकट मंडराने लगा है क्योंकि सावन का पहला सप्ताह बीत जाने के बाद भी मानसून की भारी कमी बनी हुई है और सामान्य से आधी भी वर्षा दर्ज नहीं की जा सकी है। नगर निगम के जलविभाग के अनुसार वर्तमान में शहर को प्रतिदिन 335 एमएलडी पेयजल की आपूर्ति की जा रही है जिसमें लालपुर प्लांट से 90 एमएलडी, रमनगरा प्लांट से 120 एमएलडी, परियट से 40 एमएलडी, खंदारी और उमरिया नहर से 25-25 एमएलडी पानी शामिल है जबकि खंदारी और उमरिया नहर से आपूर्ति फिलहाल बंद कर दी गई है। इसके अलावा 35 एमएलडी पानी नगर निगम के ढाई दर्जन हैंडपंपों के माध्यम से供給 किया जा रहा है जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

​बरगी बांध का पानी सामान्य से कम

बरगी डैम की कुल क्षमता 422.76 मीटर है जबकि न्यूनतम जलस्तर 403 मीटर है और वर्तमान में जलस्तर 415.75 मीटर तक पहुंच गया है। गत वर्ष इस गर्मी में यह जलस्तर 407 मीटर तक पहुंच गया था और 31 जुलाई की स्थिति में यहाँ 417.55 मीटर पानी होना चाहिए था मगर औसत के आंकड़ों से यह 2 मीटर पीछे चल रहा है। हाल-फिलहाल कैचमेंट एरिया में बारिश पूरी तरह बंद होने के कारण बरगी डैम में पानी की आवक पिछले 4 दिनों से पूरी तरह बंद है जिससे नर्मदा नदी के लालपुर में 2 और रमनगरा में 1 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से 200 एमएलडी पानी लिया जा रहा है। शहर के सभी भूमिगत जलस्त्रोतों में पानी नीचे चला गया है जिसके चलते कई बोरिंग बंद हो चुके हैं और यही हाल नगर निगम के हाईडेंट का है जिनमें से कई में पानी का प्रेशर भी कम आने लगा है।

​परियट और खंदारी जलाशय में पानी सूखा

परियट जलाशय का अधिकतम वाटर लेवल 1390.90 फीट तथा न्यूनतम जलस्तर 1360.50 फीट है और इस वर्ष गर्मी में यहाँ का जलस्तर 1363 फीट तक आ गया था जिसके चलते जलप्रदाय बुरी तरह प्रभावित हुआ था। यहाँ से 40 एमएलडी पेयजल प्रतिदिन लिया जाता है जो रांझी क्षेत्र सहित शहर की कुलीहिल टैंक तक सप्लाई किया जाता है और वर्तमान में यहाँ एक टाइम पानी दिया जा रहा है। उमरिया नहर से नर्मदा की दाईं तट नहर से उमरिया में लगाए गए 5 वाटर पंपों की सहायता से 25 एमएलडी पेयजल लिया जाता है मगर करीब 2 महीने से नहर में पानी न छोड़े जाने के कारण यहाँ से जलप्रदाय नहीं किया जा रहा है और निकट भविष्य में यहाँ से पेयजल आपूर्ति की संभावनाएँ नहीं हैं। खंदारी जलाशय को शहर का रिजर्व स्टॉक वाला जलस्रोत माना जाता है जहाँ बारिश कम होने से अपेक्षित जलस्तर नहीं आ पाया है।

​बीते साल की तुलना में कैसे हैं हालात

जिले में इस सीजन में अब तक औसत से बहुत कम वर्षा दर्ज की गई है जिसके कारण जुलाई महीने में ही जो बरगी बांध के गेट 11 बार खुल चुके थे, इस बार वैसी स्थिति देखने को नहीं मिल रही है। शहरवासी और अधिकारी दोनों ही मानसूनी गतिविधियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि आने वाले दिनों में पानी की किल्लत से निपटा जा सके। हालांकि जल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि नर्मदा नदी से मिलने वाले जल के कारण शहर की जलापूर्ति सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन यदि आने वाले हफ्तों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। नगर निगम द्वारा सभी प्लांटों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि शहर के किसी भी हिस्से में पेयजल की भारी किल्लत न हो और जनता को राहत मिलती रहे।

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