
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय कार्मिक विभाग ने बकरीद के त्योहार पर दिए जाने वाले सामान्य अवकाश की तारीख में बड़ा बदलाव किया है। नई दिल्ली रेलवे बोर्ड द्वारा 22 मई को जारी पत्र और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन के आधार पर मुख्य कारखाना प्रबंधक अरविंद पांडेय ने सक्षम अधिकारी की मंजूरी से यह नया संशोधित आदेश जारी किया है। इसके तहत पहले से तय 27 मई 2026 की छुट्टी को निरस्त कर अब 28 मई 2026 को सामान्य अवकाश घोषित किया गया है। यह प्रशासनिक सूचना जबलपुर, भोपाल और कोटा रेल मंडल के सभी विभागाध्यक्षों, मुख्य कारखाना प्रबंधकों सहित मुख्यालय के महासचिव, एआई एससी एसटी आरईए और डब्ल्यूसीआरओबीसी ईडब्ल्यूए के प्रमुख पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई है।
दिल्ली से जारी सरकारी आदेश के बाद हुआ फैसला
छुट्टी की तारीख बदलने का मुख्य कारण रेलवे बोर्ड के निदेशक स्थापना तेजेंद्र सिंह द्वारा जारी पत्र क्रमांक 2023/E(LR)III/LR/HL/01 है। भारत सरकार के कार्मिक लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने 22 मई 2026 को एक नया कार्यालय ज्ञापन संख्या 12/3/2023-JCA जारी किया था। इस आदेश में साफ किया गया था कि देश की राजधानी दिल्ली सहित भारत के अन्य सभी हिस्सों में अब बकरीद का त्योहार 27 तारीख के बजाय 28 मई 2026 को मनाया जाएगा। इसी बड़े प्रशासनिक निर्णय को ध्यान में रखते हुए पश्चिम मध्य रेलवे प्रशासन ने अपने पुराने अवकाश कैलेंडर में यह आंशिक सुधार किया है।
तीनों रेल मंडलों के कर्मचारियों पर लागू होगा नियम
यह नया नियम पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी कार्यालयों, उत्पादन इकाइयों और कारखानों पर तुरंत लागू कर दिया गया है। जबलपुर संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भोपाल और कोटा के मंडल रेल प्रबंधक कार्मिक को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं। सदिपुका भोपाल और माडिमका कोटा के मुख्य कारखाना प्रबंधकों को भी अपने सभी कर्मचारियों के लिए इस संशोधित छुट्टी की सूची को लागू करने के लिए कहा गया है। इस बदलाव की पूरी जानकारी रेलवे से जुड़े सभी प्रमुख कर्मचारी संगठनों के मुखिया और पदाधिकारियों तक पहुंचा दी गई है ताकि कर्मचारियों के बीच भ्रम की स्थिति न रहे। अब सभी रेल कर्मचारी 27 मई के स्थान पर 28 मई को बकरीद का अवकाश मनाएंगे और सभी सरकारी दफ्तर इस दिन बंद रहेंगे।
