
जबलपुर।प्रयागराज में नीट की तैयारी में जुटी एक नाबालिग छात्रा को जबलपुर के गोरखपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली हाथीताल कालोनी के रहने वाले शैल्विन फ्रांसिस ने सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाया और सुनियोजित तरीके से उसका अपहरण कर सीधे इंदौर लेकर आ गया। इंदौर पहुंचने के बाद आरोपी ने छात्रा को एक कमरे में बंधक बनाकर लगातार रेप किया जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जब छात्रा तय समय पर घर नहीं लौटी तो परेशान परिजनों ने सिविल लाइंस थाने में पहुंचकर गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर प्रयागराज पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस का इस्तेमाल करते हुए इंदौर तक पीछा किया और स्थानीय पुलिस की मदद से मुख्य आरोपी शैल्विन फ्रांसिस को धर दबोचा तथा छात्रा को सकुशल बरामद कर लिया।
सोशल मीडिया दोस्ती ने रची अपहरण की साजिश
प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में स्थित प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थान में जाने के लिए जब नाबालिग छात्रा अपने घर से निकली तो किसी को यह अंदेशा नहीं था कि उसके साथ इस तरह की खौफनाक घटना घट जाएगी। आरोपी शैल्विन फ्रांसिस इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में जैन मंदिर के पास किराए से कमरा लेकर रहता था और वहां के एक होटल में नौकरी करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात इंटरनेट पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रयागराज की इस छात्रा से हुई। चैटिंग के दौरान शैल्विन ने छात्रा को इंदौर के एक बेहतरीन कोचिंग संस्थान में दाखिला दिलाने का लालच दिया और उसे अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में उलझा लिया। विश्वास में आकर छात्रा उसकी बातों में आ गई जिसके बाद आरोपी योजनाबद्ध तरीके से प्रयागराज पहुंच गया। कोचिंग जाते वक्त रास्ते में आरोपी ने छात्रा को अपनी गिरफ्त में ले लिया और जबरन उसे ट्रेन या अन्य माध्यम से इंदौर खींच लाया। इधर बेटी के काफी देर तक घर न लौटने पर परिजनों ने जब स्थानीय ई-रिक्शा चालक से पूछताछ की तो उसने भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जिससे परिजनों का शक और अधिक गहरा गया।
इंदौर पुलिस के सहयोग से दबोचा गया आरोपी
परिजनों की त्वरित शिकायत के बाद प्रयागराज पुलिस ने तुरंत एक विशेष जांच दल का गठन किया और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से आरोपी की लोकेशन ट्रेस करना शुरू किया। जांच के दौरान जैसे ही पुलिस को यह महत्वपूर्ण सुराग मिला कि आरोपी इंदौर के परदेशीपुरा इलाके में छिपा हुआ है, वैसे ही प्रयागराज पुलिस की टीम ने बिना एक पल गंवाए इंदौर के लिए प्रस्थान किया। इंदौर पहुंचकर उन्होंने स्थानीय पुलिस बल से संपर्क किया और परदेशीपुरा स्थित जैन मंदिर के पास बताए गए पते पर अचानक दबिश दी। पुलिस की इस त्वरित और अचूक कार्रवाई से आरोपी को भागने का कोई मौका नहीं मिला और पुलिस ने शैल्विन फ्रांसिस को मौके से ही धर दबोचा। आरोपी के चंगुल से मुक्त कराई गई नाबालिग छात्रा ने पुलिस के सामने अपनी डरावनी आपबीती सुनाई और बताया कि किस तरह उसे कमरे में बंद करके रखा गया था और लगातार उसके साथ शारीरिक शोषण किया जा रहा था। पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।
