

जबलपुर। शहर में मानसून की सक्रियता के बीच बिजली चोरी रोकने के लिए फिर से व्यापक स्तर पर अभियान का आगाज हो गया है। जून महीने में बारिश के चलते अधिकारियों का पूरा ध्यान बिजली आपूर्ति को दुरुस्त करने पर था, जिसके कारण चोरी रोकने की कार्रवाई में थोड़ी नरमी आई थी। अब विद्युत विभाग ने सोमवार से इस अभियान को फिर से तेज कर दिया है। अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा के नेतृत्व में तकनीकी सॉफ्टवेयर का उपयोग करके संदिग्ध उपभोक्ताओं को चिन्हित किया गया है। पिछले 2 दिनों में कुल 220 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 64 मामले कल और 160 मामले आज विभिन्न संभागों से सामने आए हैं। विभाग बिजली चोरी करने वालों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उनके कनेक्शन काट रहा है, ताकि लाइन लॉस को कम किया जा सके और व्यवस्था को सुधारा जा सके।
सॉफ्टवेयर की मदद से पकड़े जा रहे चोर
बिजली विभाग ने अब आधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। पहले जिस काम में मानवीय हस्तक्षेप और समय अधिक लगता था, अब वह काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से आसान हो गया है। सॉफ्टवेयर खुद उन उपभोक्ताओं को चिन्हित कर लेता है जिनकी खपत में संदिग्ध बदलाव दिखाई देता है या जिनके चोरी करने की संभावना अधिक होती है। इस तकनीकी दक्षता के कारण अधिकारियों को अब उन घरों तक सीधे पहुंचने में आसानी हो रही है जहां नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इस डिजिटल निगरानी प्रणाली ने बिजली चोरी रोकने की मुहिम को एक नई गति दी है, जिससे अब चोरी कर पाना काफी मुश्किल हो गया है।
ज़ीरो खपत वाले बिलों पर भी नजर
अधीक्षण अभियंता के निर्देश पर विभाग उन सभी उपभोक्ताओं की जांच कर रहा है जिनके बिजली बिलों में लंबे समय से शून्य खपत दिखाई दे रही है। ऐसी स्थिति होने पर अब विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मीटर की सही रीडिंग ले रही है और मौके पर ही सत्यापन किया जा रहा है। यदि जांच के दौरान मीटर में कोई अनियमितता या छेड़छाड़ पाई जाती है, तो उस पर तत्काल प्रकरण दर्ज करके विद्युत कनेक्शन काटने की कार्यवाही की जा रही है। विभाग का स्पष्ट मानना है कि किसी भी उपभोक्ता को भविष्य में शून्य खपत का बिल जारी नहीं होना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए सघन जांच अभियान पूरे शहर में चलाया जा रहा है ताकि विद्युत वितरण प्रणाली पारदर्शी बनी रहे।
कोताही बर्दाश्त नहीं होगी: संजय अरोरा
अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा ने बिजली चोरी के खिलाफ इस महाअभियान की कमान पूरी मजबूती से संभाली है। वे न केवल इस पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं, बल्कि मैदानी अमले को स्पष्ट निर्देश भी दे रहे हैं कि चोरी के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका उद्देश्य जबलपुर में लाइन लॉस को न्यूनतम स्तर पर लाना है। संजय अरोरा की कार्यशैली अत्यंत सख्त है और वे विभाग के हर अधिकारी व कर्मचारी को यह संदेश दे चुके हैं कि आने वाले दिनों में चोरों के खिलाफ और भी अधिक कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वे खुद नियमित अंतराल पर फील्ड से आ रही रिपोर्ट्स का बारीकी से विश्लेषण कर रहे हैं ताकि इस अभियान का सकारात्मक परिणाम शहर को मिल सके।
