
बंगाली समाज ने की आरोपी महिलाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग
जबलपुर। खमरिया के क्यू टाइप में स्थित काली बाड़ी मंदिर समिति के सदस्यों पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और झूठी टिप्पणी करने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस विवाद के विरोध में बंग समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत सौंपी है। इस शिकायत में मंदिर समिति के सदस्य अर्निबदास गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मनीषा बर्मन नामक महिला द्वारा काली बाड़ी मंदिर के खिलाफ बेहद गंभीर और मनगढ़ंत आरोप सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किए गए। इस भ्रामक जानकारी को प्रीति धनधारिया नामक सोशल मीडिया अकाउंट से पूरे देश में फैलाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय खमरिया थाना पुलिस पर संबंधित आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई न करने और उन्हें संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए दोषियों को तुरंत सजा दिलाने की मांग की है।
खमरिया पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर अनर्गल पोस्ट वायरल होने के बाद मंदिर समिति द्वारा सभी जरूरी साक्ष्य और आवश्यक दस्तावेज स्थानीय पुलिस थाना खमरिया को समय पर उपलब्ध करा दिए गए थे। इसके बावजूद पुलिस ने संबंधित महिलाओं के विरुद्ध अब तक कोई ठोस वैधानिक कार्रवाई शुरू नहीं की है। पुलिस की इस ढीली कार्यप्रणाली के कारण पीड़ित पक्ष में गहरा असंतोष है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस की इस निष्क्रियता से ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह दोनों आरोपी महिलाओं को जानबूझकर संरक्षण प्रदान कर रही है, जिससे उनके हौसले बढ़े हुए हैं।
बंगाली समाज में आक्रोश
सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए इन झूठे आरोपों से पूरे बंगाली समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। बंग समाज के प्रतिनिधियों ने अंदेशा जताया है कि यदि इन महिलाओं पर समय रहते कानूनी शिकंजा नहीं कसा गया, तो भविष्य में उनके द्वारा किसी बड़ी अप्रिय घटना या गंभीर दुष्प्रचार को अंजाम दिया जा सकता है। इसी डर और सामाजिक सम्मान की रक्षा के लिए समाज के लोग एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच करने, दोषियों को सख्त सजा दिलाने और समाज को न्याय प्रदान करने की पुरजोर मांग की है।
