
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर सहित उत्तर प्रदेश के अमेठी और कानपुर में धार्मिक आयोजनों के दौरान फिलिस्तीन के झंडे और पोस्टर लगाने के मामले सामने आए हैं। जबलपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र में मिलौनीगंज और नालबंद मोहल्ला मार्ग पर बिजली के खंभों पर लगे विवादित पोस्टर पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के निर्देश पर तुरंत उतरवाए गए। उधर अमेठी के रायपुर फुलवारी निवासी फिरोज को जुलूस में विदेशी झंडा फहराने के आरोप में हिरासत में लिया गया, जो मुंबई में काम करता है। वहीं कानपुर में मूसानगर रोड पर जुलूस के दौरान झंडा फहरा रहे 1 किशोर से एसीपी कृष्णकांत यादव और एसडीएम अबिचल प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर झंडा अलग करवाया। इन घटनाओं के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
जबलपुर में खंभों से उतारे गए विवादित पोस्टर
जबलपुर के कोतवाली इलाके में बिजली के खंभों पर अज्ञात लोगों ने समर्थन संदेश वाले पोस्टर चस्पा किए थे। इन पोस्टरों में आम जनता से एक खास पक्ष के समर्थन में खड़े होने की बात लिखी गई थी। स्थानीय संगठनों से मिली सूचना पर पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके से ऐसी सभी प्रचार सामग्री को जब्त कर लिया। प्रशासन अब पोस्टर पर छपे चेहरों, मोबाइल नंबरों और अन्य सुरागों की पड़ताल कर रहा है। इसके साथ ही आसपास के रास्तों पर लगे 10 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि पोस्टर लगाने वाले असामाजिक तत्वों और उनके असली मकसद की पहचान की जा सके। पिछले 1 वर्ष के दौरान भी शहर में इसी प्रकार की गतिविधि सामने आई थी, जिसे समय रहते नियंत्रित कर लिया गया था।
अमेठी और कानपुर में झंडा लहराने पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में ईद के जुलूस में शामिल 1 युवक के हाथ में विदेशी झंडा देखा गया। पुलिस ने उसे तुरंत पकड़कर पूछताछ शुरू की। पकड़े गए युवक के परिजनों और परिचितों ने कोतवाली पहुंचकर विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति को बिगड़ने नहीं दिया और भीड़ को तितर-बितर कर दिया। इसी क्रम में कानपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी जब मूसानगर मार्ग से नगर पालिका की ओर बढ़ रहा था, तब 1 नाबालिग द्वारा झंडा लहराने की शिकायत मिली। पुलिस के समझाने पर भी जब वह नहीं माना, तब प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे सुरक्षित रूप से भीड़ से बाहर निकालकर झंडा जब्त किया। दोनों मामलों में शांति व्यवस्था भंग करने के प्रयास की गहन जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क और जुलूसों की सख्त निगरानी
देश के विभिन्न संवेदनशील कस्बों और ग्रामीण अंचलों में ऐसे मामलों के सामने आने के बाद सुरक्षा तंत्र पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। धार्मिक गुरुओं द्वारा जुलूसों के लिए पूर्व में तय की गई आचार संहिता, जिसमें डीजे बजाने और तीव्र ध्वनि वाले पटाखे फोड़ने पर पाबंदी शामिल थी, उसकी भी कई स्थानों पर अनदेखी की गई। खुफिया एजेंसियां अब सोशल मीडिया संदेशों, स्थानीय समूहों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। राज्य पुलिस मुख्यालयों ने सभी जिला कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि त्योहारों पर किसी भी प्रकार के अनधिकृत झंडे या पोस्टर दिखने पर बिना देरी कानूनी कदम उठाए जाएं, ताकि सामाजिक सद्भाव बना रहे।
