
जबलपुर। मदन महल थाना क्षेत्र में राइट टाउन शिवहरि अपार्टमेंट निवासी 46 वर्षीय अनूप गिर्दोनिया से कार रेंटल व्यवसाय में निवेश के नाम पर 14 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर मदन महल पुलिस ने गोटेगांव नरसिंहपुर निवासी तीन आरोपियों अमिष तिवारी, आयुष तिवारी और तनय तिवारी के खिलाफ शुक्रवार देर रात जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों ने पीड़ित को व्यापार में बड़ा मुनाफा देने का झांसा देकर 20 लाख रुपए निवेश कराए थे, जिसमें से केवल 6 लाख रुपए वापस किए गए। बाकी रकम के एवज में दिया गया 5 लाख रुपए का चेक बाउंस हो गया और आरोपी 1 फरवरी 2026 से अपने मोबाइल फोन बंद कर गायब हैं।
झांसा देकर हड़पी रकम, चेक भी हुआ बाउंस
पीड़ित और आरोपियों के बीच पहले से जान-पहचान थी, जिसका फायदा उठाकर तीनों आरोपियों ने पीड़ित को कार रेंटल के नए व्यवसाय में पूंजी लगाने के लिए तैयार किया। मुनाफे की उम्मीद में पीड़ित ने आरोपियों को कुल 20 लाख रुपए सौंप दिए। लंबे समय तक जब कोई लाभांश नहीं मिला, तो पीड़ित ने अपनी मूल रकम वापस मांगना शुरू किया। दबाव बनाने पर आरोपियों ने 6 लाख रुपए नकद लौटाए और 5 लाख रुपए का एक चेक दिया। जब इस चेक को बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और पीड़ित के फोन उठाना बंद कर दिए। 1 फरवरी 2026 से तीनों आरोपी अपने मोबाइल बंद कर पूरी तरह भूमिगत हो गए, जिसके बाद उनके परिजनों ने भी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर इस मामले से पल्ला झाड़ लिया।
वाहन मालिकों के साथ भी धोखाधड़ी
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि इन तीनों आरोपियों ने केवल निवेश के नाम पर ही ठगी नहीं की, बल्कि कई अन्य वाहन स्वामियों को भी अपना शिकार बनाया है। आरोपियों ने लोगों से उनके वाहन किराए पर चलाने के लिए लिए थे, लेकिन उन्हें बाजार में चलाने के बजाय दूसरी जगहों पर गिरवी रखकर मोटी रकम उधार ले ली। इस मामले के मुख्य आरोपी आयुष तिवारी के खिलाफ पूर्व में भोपाल के कमला नेहरू नगर थाने में भी इसी तरह का एक आपराधिक मामला दर्ज पाया गया है। मदन महल पुलिस ने तीनों फरार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
