
जबलपुर। कई मामलों में विवादित पूर्व तहसीलदार विवेक त्रिपाठी को आखिरकार क्राइम ब्रांच की टीम ने बरेला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से विभिन्न मामलों, राजस्व संबंधी गड़बड़ियों और कानूनी विवादों में नाम सामने आने के बाद पुलिस को उनकी तलाश थी। हाल ही में शहर के बहुचर्चित सुकून होटल मामले के बाद उनके खिलाफ जांच और तेज कर दी गई थी। पुलिस और जांच एजेंसियां जमीन नामांतरण में अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों को लेकर काफी समय से जानकारी जुटा रही थीं। क्राइम ब्रांच को विवेक त्रिपाठी के बरेला में होने की सटीक सूचना मिली थी, जिसके आधार पर घेराबंदी करके उन्हें हिरासत में लिया गया। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक और राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। फिलहाल पुलिस अधिकारी विवेक त्रिपाठी को थाने लाकर निष्पक्षता से पूछताछ कर रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप
विवेक त्रिपाठी का विवादों से पुराना नाता रहा है। उन पर राजस्व विभाग में पद पर रहते हुए बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां करने के आरोप लगे हैं। जमीन के नामांतरण में नियमों को ताक पर रखकर फैसले लेने और पदीय अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने के मामलों में जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटा रही थीं। इस कार्रवाई से प्रशासनिक हल्कों में भी खलबली मची हुई है।
सुकून होटल मामला और पुलिस की घेराबंदी
शहर के चर्चित सुकून होटल प्रकरण में नाम उछलने के बाद विवेक त्रिपाठी पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा था। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदल दी और संभावित ठिकानों पर नजर रखनी शुरू कर दी। क्राइम ब्रांच की विशेष टीम को मुखबिर से उनके बरेला क्षेत्र में छिपे होने की जानकारी मिली, जिसके बाद तत्काल योजना बनाकर यह गिरफ्तारी की गई।
अन्य थानों के दर्ज मामलों में भूमिका की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार विवेक त्रिपाठी से केवल वर्तमान मामले में ही नहीं, बल्कि शहर के अन्य थानों में दर्ज पुराने मुकदमों को लेकर भी सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। यदि अन्य मामलों में भी उनके खिलाफ पर्याप्त और ठोस सबूत मिलते हैं, तो उन सभी प्रकरणों में भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
