
जबलपुर। पश्चिम मध्य रेल मुख्यालय ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत वित्तीय मोर्चे पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महाप्रबंधक के कुशल मार्गदर्शन, प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्षों के ठोस निर्देशन तथा जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मंडलों के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में बेहतर परिचालन से यह सफलता मिली है। ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के दम पर जोन ने अकेले सितंबर माह में अन्य कोचिंग एवं संड्री यानी विविध आय मदों से कुल 35 करोड़ 17 लाख रुपये का ओरिजिनेटिंग राजस्व जुटाया। इसमें संड्री मद से 18 करोड़ 51 लाख रुपये मिले, जो पिछले साल के 14 करोड़ 31 लाख रुपये के मुकाबले 29.35 प्रतिशत अधिक है। वहीं अन्य कोचिंग मद से 16 करोड़ 26 लाख रुपये प्राप्त हुए, जो बीते वर्ष के 13 करोड़ 65 लाख रुपये से 16.26 प्रतिशत ज्यादा है।
छह माह में अर्जित किया कुल 255 करोड़
मासिक आय के साथ-साथ इस वित्तीय वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर तक के समग्र प्रदर्शन में भी भारी उछाल देखने को मिला है। इस छह महीने की अवधि के दौरान संड्री मद से कुल 155 करोड़ 88 लाख रुपये का संग्रह हुआ। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी समान अवधि में यह आंकड़ा 127 करोड़ 55 लाख रुपये था, जिसके आधार पर इस बार 22.21 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी दर्ज हुई। इसके अलावा अन्य कोचिंग मद से 99 करोड़ 24 लाख रुपये प्राप्त हुए, जो पूर्व वर्ष की 89 करोड़ 91 लाख रुपये की आय से 10.37 प्रतिशत अधिक है। रेलवे प्रशासन ने आमदनी को रफ्तार देने के लिए गैर-किराया राजस्व यानी नॉन-फेयर रेवेन्यू पर विशेष जोर दिया है। इसके तहत वाणिज्यिक विज्ञापनों, ट्रेनों पर विनाइल रैपिंग, मल्टी-परपस स्टॉल्स, आधुनिक कैटरिंग सेवाओं और व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था के कई नए अनुबंध किए गए। स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ आय बढ़ाने के लिए वन स्टेशन वन प्रोडक्ट तथा प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही नई अभिनव गैर किराया राजस्व विचार योजना यानी निनफ्रीस नीति को जमीनी स्तर पर लागू कर आय के नए रास्ते खोले गए हैं।
