निर्विरोध चुनी गई जबलपुर आईएमए की नई कार्यकारिणी,डॉ. अमिता सक्सेना बनीं अध्यक्ष

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Newzo - News Editor 61 Views
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जबलपुर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जबलपुर शाखा के सत्र 2026-27 के निर्वाचन मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजशेखर पांडे की देखरेख में निर्विरोध संपन्न हुए। इस चुनावी प्रक्रिया में डॉ. अमिता सक्सेना को अध्यक्ष, डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव को सचिव, डॉ. मोहसिन अंसारी को कोषाध्यक्ष तथा डॉ. नीना श्रीवास्तव, डॉ. राखी बाजपेयी और डॉ. शमिक रजा को उपाध्यक्ष चुना गया। संयुक्त सचिव पद पर डॉ. ऋचा धीरावानी, डॉ. राजेश के. पटेल और डॉ. राजेश केवट निर्वाचित हुए, जबकि प्रबंध समिति सदस्य के रूप में डॉ. अलका अग्रवाल, डॉ. कुसुम जैन, डॉ. संध्या जैन एवं डॉ. अमिता जैन चुनी गईं। इस अवसर पर आईएमए मध्य प्रदेश के स्टेट प्रेसिडेंट इलेक्ट डॉ. पुष्पराज भटाले, राज्य सचिव डॉ. दीपक साहू और डॉ. सुनील बहल ने उपस्थित रहकर सभी पदाधिकारियों का अभिनंदन किया।

​वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में संपन्न चुनावी प्रक्रिया

​संगठन के वार्षिक चुनाव को लेकर स्थानीय चिकित्सा समुदाय में कई दिनों से विचार-विमर्श का दौर चल रहा था। निर्वाचन अधिकारी ने पूरी नियमावली का पालन करते हुए नामांकन पत्रों की जांच की। नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक प्रत्येक पद के लिए केवल एक-एक उम्मीदवार का नाम ही शेष बचा। इसके चलते मतदान कराने की आवश्यकता नहीं पड़ी और नियमानुसार सभी प्रत्याशियों को विजयी घोषित कर दिया गया। समूची प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और अनुशासन का विशेष ध्यान रखा गया। इस निर्विरोध चयन से संस्था के सदस्यों के बीच गहरा आपसी तालमेल दिखाई दिया। निर्वाचन स्थल पर परिणाम की औपचारिक घोषणा होते ही सभी चिकित्सकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से निर्णय का स्वागत किया। वरिष्ठ सदस्यों ने कहा कि बिना किसी खींचतान के पूरी टीम का चुना जाना एक स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का प्रमाण है।

​चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का लिया गया संकल्प

​नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने पदभार संभालते ही अपनी प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। टीम ने स्पष्ट किया कि जिले में स्वास्थ्य तंत्र को अधिक जनहितैषी और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और निजी चिकित्सा क्षेत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना संगठन का मुख्य ध्येय रहेगा। इसके अलावा दूरदराज के क्षेत्रों में निशुल्क परामर्श शिविर लगाने, गरीब मरीजों तक दवाएं पहुंचाने और चिकित्सा जगत से जुड़ी नई शोध तकनीकों के आदान-प्रदान के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। साथी डॉक्टरों के पेशेवर अधिकारों की सुरक्षा तथा कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में भी विशेष प्रकोष्ठ सक्रिय रहेगा। उपस्थित डॉक्टरों ने कहा कि यह टीम शहर के अस्पतालों की कार्यप्रणाली को सुगम बनाने और आमजन को उचित उपचार दिलाने में सेतु का कार्य करेगी।

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