जबलपुर:झलौन में सरकारी बजट पर डाका, महिला सरपंच ने उजागर किया सचिव का फर्जीवाड़ा

Newzo
Newzo - News Editor 34 Views
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जबलपुर। जिले के शहपुरा जनपद अंतर्गत झलौन गांव की महिला सरपंच लक्ष्मी बाई ने गुरुवार को गांव से 55 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट पहुंचकर पंचायत सचिव पुष्पराज सिंह लोधी के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को एक लिखित शिकायत सौंपी, जिसमें सचिव पर स्थानीय व्यापारी संदीप जैन की मिलीभगत से निर्माण सामग्रियों के फर्जी बिल लगाने, वास्तविक व्यय से कई गुना अधिक राशि निकालने और विरोध करने पर धमकाने के आरोप लगाए। महिला जनप्रतिनिधि का कहना है कि अनपढ़ होने का ताना देकर दबाव में मोबाइल ओटीपी लेकर कागजात पर दस्तखत कराए गए। मामले का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने इसे अत्यंत गंभीर श्रेणी का माना और त्वरित जांच कराने के स्पष्ट निर्देश दिए।

​व्यापारी संग सांठगांठ कर तैयार किए फर्जी दस्तावेज

​ग्राम पंचायत में सीमेंट, गिट्टी और लोहे की आपूर्ति के नाम पर बड़े पैमाने पर खेल किया गया। लक्ष्मी बाई के अनुसार क्षेत्र में केवल एक बड़े फर्म संचालक के जरिए निर्माण सामग्री की खरीदी दर्शाई गई, जिसका धरातल पर हुए निर्माण से कोई सीधा तालमेल नहीं बैठता। वास्तविक बाजार भाव की तुलना में कागजों पर दर्ज कीमतें अत्यधिक बढ़ाकर दर्शायी गईं, ताकि सरकारी खजाने की राशि को ठिकाने लगाया जा सके। पंचों के साथ जब निर्माण स्थल पर सामग्री के मिलान का प्रयास किया गया, तो सचिव ने वित्तीय अधिकार अपने हाथ में होने की धौंस दिखाई। पहले से मनमाने वाउचर तैयार कर सिस्टम में भुगतान के लिए भेज दिए जाते थे और सत्यापन के नाम पर केवल रस्मी प्रक्रिया पूरी की जाती थी।

​दबंगई दिखाकर अफसरों के नाम पर दी धमकी

​विरोध दर्ज कराने पर पंचायत सचिव ने महिला सरपंच को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया और उच्चाधिकारियों की परवाह न करने की बात कही। शिकायती पत्र में सचिव की पुरानी कार्यप्रणाली का उल्लेख करते हुए बताया गया कि लगभग 4 वर्ष पूर्व एक ग्रामीण आयोजन में गोलीबारी की घटना सामने आई थी, जिसके बाद विभागीय निलंबन की कार्रवाई भी हुई थी। इसी पुराने प्रभाव और रसूख के बूते गांव में दहशत का वातावरण बनाकर वित्तीय मनमानी चलाई जा रही है। जिला प्रशासन ने अब शहपुरा जनपद सीईओ को भौतिक सत्यापन और वाउचरों के ऑडिट का जिम्मा सौंपा है। जांच दल को निर्माण स्थल पर प्रयुक्त सामग्री के अनुपात, पोर्टल पर दर्ज वाउचरों तथा भुगतान प्रक्रिया में आए ओटीपी विवरण का सूक्ष्म परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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