
जबलपुर। मध्य प्रदेश में आयुष्मान योजना से जुड़े निजी चिकित्सा संस्थानों की पुरानी मांगों पर राज्य शासन के साथ व्यापक सहमति बन गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश प्रमुख डॉ. बी. एम. शरणागत के मार्गदर्शन, जबलपुर नर्सिंग होम एसोसिएशन एवं यूनाइटेड हॉस्पिटल्स एसोसिएशन के प्रमुख डॉ. अमरेंद्र पांडे के समन्वय तथा यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. विशाल सिंह बघेल की अगुवाई में चले इस साझा प्रयास को आखिरकार बड़ी कामयाबी मिली है। विभिन्न चिकित्सा संगठनों और शासन की उच्चस्तरीय बातचीत के बाद यह तय हुआ कि पोर्टल-1 के अटके पैसों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पत्र-व्यवहार शुरू होगा, पोर्टल-2 के 1 लाख से अधिक लंबित बिलों का 2 माह में निपटारा होगा और राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड के मानक पर 20 प्रभावित इकाइयों को फौरी राहत मिलेगी।
लंबित दावों की जांच के लिए पचास नए डॉक्टर नियुक्त
पोर्टल-2 पर अटके 1 लाख से अधिक मामलों का तुरंत समाधान निकालने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 50 नए एमबीबीएस चिकित्सकों को ऑडिट के काम पर लगा दिया है। यह टीम 60 दिनों के भीतर सभी लंबित फाइलों की जांच पूरी करके पात्र धनराशि जारी कराने का काम करेगी। शासन के इस कदम से राज्य के सैकड़ों निजी स्वास्थ्य केंद्रों के सामने खड़ा गहरा आर्थिक संकट दूर होगा और उनको नियमित कामकाज के लिए जरूरी नकदी मिल सकेगी।
मानक जांच वाले बीस अस्पतालों का निलंबन निरस्त होगा
प्रवेश स्तर की एनएबीएच जांच पूरी करा चुके जिन 20 संस्थानों को केवल अंतिम प्रमाणपत्र न होने की वजह से 1 अक्टूबर से सूची से बाहर कर दिया गया था, उन्हें विभाग ने राहत दी है। ये संस्थान अपने ऑनलाइन निरीक्षण का साक्ष्य प्रस्तुत करके निरस्तीकरण के स्थान पर अस्थायी निलंबन का दर्जा पा सकेंगे। मूल दस्तावेज मिलते ही इनका निलंबन समाप्त कर दिया जाएगा और रोकी गई राशि भी जारी हो जाएगी।
पुराने अटके पैसों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण से संवाद
पोर्टल-1 से जुड़े बरसों पुराने वित्तीय विवादों को सुलझाने के लिए राज्य शासन ने नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के साथ औपचारिक पत्राचार की प्रक्रिया विधिवत शुरू कर दी है। यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धनंजय मिश्रा और सलाहकार प्रमुख डॉ. जीशान अहमद ने इस निर्णय को व्यवस्था सुधार की दिशा में एक अहम कदम बताया है। संपूर्ण चिकित्सा संगठनों ने इस सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। शेष नीतिगत विषयों पर शासन और निजी स्वास्थ्य प्रबंधकों के बीच चर्चा का दौर आगे भी जारी रहेगा ताकि मरीजों को लगातार उपचार मिलता रहे।
