
जबलपुर। शहर के बिलहरी स्थित निर्माणाधीन राजुल टाउनशिप परिसर में बीती देर रात शराब के नशे में धुत असामाजिक तत्वों ने वहां काम कर रहे 3 आदिवासी श्रमिकों पर जानलेवा हमला कर दिया। मूलतः सागर जिले के रहने वाले ये पीड़ित श्रमिक आजीविका चलाने के लिए यहां मजदूरी कर रहे थे। रात के समय टाउनशिप में रहने वाले बॉबी और उसके अन्य साथियों ने बिना किसी ठोस वजह के इन मजदूरों को चारों तरफ से घेर लिया। मामूली कहासुनी के बाद आरोपियों ने लात-घूंसों से अंधाधुंध मारपीट शुरू कर दी, जिससे कार्यस्थल पर चीख-पुकार मच गई। इस अप्रत्याशित हमले में तीनों श्रमिक गंभीर रूप से घायल हो गए। जख्मी हालत में थाने पहुंचे पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
अचानक हुए हमले से मची भारी भगदड़
परिसर में मौजूद अन्य श्रमिकों के अनुसार रात में काम खत्म कर जब मजदूर आराम कर रहे थे, तभी नशेड़ी युवकों का समूह वहां आ धमका। आरोपियों का व्यवहार शुरू से ही आक्रामक था। उन्होंने पहले गाली-गलौज करते हुए विवाद छेड़ा और फिर योजनाबद्ध तरीके से तीनों पर टूट पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने लात-घूसों से सिर, हाथ, पैर और पीठ पर लगातार वार किए, जिससे पीड़ित जमीन पर गिरकर कराहने लगे। हमले की अचानक हुई इस हिंसक वारदात के चलते आसपास ठहरे बाकी श्रमिकों में भी खौफ फैल गया और सब जान बचाने इधर-उधर भागने लगे। गुंडागर्दी के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की उठी मांग
घटना के तुरंत बाद लहूलुहान अवस्था में पहुंचे पीड़ितों को पुलिस ने प्राथमिक चिकित्सीय परीक्षण और इलाज के लिए अस्पताल भेजा। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं तथा नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस घटना के बाद से निर्माण स्थल पर ठहरे अन्य श्रमिकों में गहरा आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है। मजदूरों का कहना है कि दूर-दराज के जिलों से आकर काम करने वाले कामगारों को आए दिन स्थानीय असामाजिक तत्वों की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। उन्होंने प्रशासन से कार्यस्थल पर नियमित पुलिस गश्त, स्थायी सुरक्षा इंतजामात और फरार हमलावरों की अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग रखी है।
