सीनियर सिटीजन पेंशनर कार्ड बनाने का झांसा देकर रिटायर्ड कर्मी का मोबाइल हैक, पौने 4 लाख पार

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Newzo - News Editor 29 Views
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​कोतवाली पुलिस ने अज्ञात जालसाज के खिलाफ दर्ज किया केस, बैंक खातों की जांच शुरू

​जबलपुर। शहर में साइबर ठगी का एक नया और गंभीर मामला सामने आया है। शातिर जालसाजों ने इस बार पेंशनर कार्ड बनाने का झांसा देकर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का मोबाइल फोन हैक कर लिया और उनके बैंक खाते से पौने 4 लाख रुपए उड़ा लिए। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। पीड़ित वृद्ध की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच उन बैंक खातों पर केंद्रित है, जिनमें ठगी की यह रकम ट्रांसफर की गई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन विवरण के आधार पर अज्ञात साइबर ठग की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

​फेसबुक विज्ञापन देखकर किया था संपर्क, 5 बार में खाते से साफ हुई रकम

​पीड़ित विजय कुमार कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित जगदम्बा कालोनी के निवासी हैं। 76 वर्षीय विजय कुमार कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज विभाग से सेवानिवृत्त हैं। उन्होंने थाने में दी शिकायत में बताया कि 12 सितम्बर को वे अपने मोबाइल फोन पर फेसबुक देख रहे थे। उसी दौरान उनकी नजर एक आकर्षक विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें सीनियर सिटीजन पेंशनर कार्ड बनाने और उससे मिलने वाले सरकारी फायदों का उल्लेख था। कार्ड बनवाने के उद्देश्य से उन्होंने उस विज्ञापन पर क्लिक कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के पेंशनर कार्ड यूनिट का कर्मचारी बताया। उसने बातचीत के दौरान वृद्ध को पूरी तरह अपने भरोसे में ले लिया और कहा कि वह उनका पेंशनर कार्ड बेहद आसानी से तैयार करवा सकता है। जालसाज की मीठी बातों में आकर पीड़ित ने प्रक्रिया आगे बढ़ाने की सहमति दे दी। इसके बाद शातिर ठग ने कहा कि उसने कार्ड बनाने की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी है और 5 मिनट में पूरी जानकारी देगा। इसी बहाने उसने मोबाइल कॉल को काफी देर तक होल्ड पर रखवा दिया और बैकग्राउंड में उनका फोन रिमोट एक्सेस से हैक कर लिया। कुछ समय बाद फोन अपने आप कट गया। 14 सितम्बर को जब पीड़ित वृद्ध एटीएम से नकदी निकालने पहुंचे, तो उनके होश उड़ गए। खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं था। तुरंत संबंधित बैंक शाखा जाकर स्टेटमेंट निकाला गया, तो खुलासा हुआ कि 5 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए खाते से कुल 3 लाख 80 हजार रुपए अज्ञात खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से ठगी की कड़ी जोड़ने में जुटी है।

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