
चिकन के दाम को लेकर विवाद में फौजी के साले की हत्या, पुल से नीचे फेंका
गोराबाजार डीमार्ट के सामने चिकन दुकान संचालकों का खूनी खेल, आर्मी जवान भी घायल
जबलपुर। गोराबाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत डीमार्ट के सामने संचालित सिकंदर चिकन शॉप पर चिकन की कीमत को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद सनसनीखेज हत्याकांड में तब्दील हो गया। दुकान संचालक और उसके साथियों ने मिलकर चिकन खरीदने आए भारतीय सेना के जवान और उसके साले पर लाठी-डंडों व केबल वायर से जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने बेरहमी से पीटते हुए युवक को खंदारी पुल से नीचे गहरे नाले में फेंक दिया, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना में घायल सेना के जवान को गंभीर हालत में मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में हत्या समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
कीमत पर बहस के बाद डंडों और केबल वायर से हमला
मूल रूप से भिंड जिले के ग्राम राउपूरा निवासी 33 वर्षीय रूपेन्द्र सिंह भारतीय सेना की 33वीं आर्म्ड कोर हिसार हरियाणा में नायक के पद पर पदस्थ हैं। वह 27 दिन की छुट्टी पर 28 अगस्त 2026 को जबलपुर आए थे और केंट स्थित फाफा रामपाल एन्क्लेव में रह रहे थे। 19 सितंबर को वह अपनी ससुराल मंगलेश्वरी कॉलोनी कजरवारा गए थे, जहां उनका 25 वर्षीय साला अर्जुन सिंह अकेला रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। रात लगभग 9:30 बजे रूपेन्द्र अपने साले अर्जुन के साथ स्कूटी से सिकंदर चिकन शॉप पहुंचे। काउंटर पर मौजूद संचालक के बेटे हर्ष खटीक से चिकन के रेट को लेकर अर्जुन की कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर हर्ष ने गाली-गलौज करते हुए डंडे से अर्जुन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे रूपेन्द्र को भी पीटा गया। इसी दौरान दुकान मालिक सिकंदर खटीक, कर्मचारी इमरान, सोनू और मनीष भी डंडे और मोटा केबल वायर लेकर आ धमके।
पुल से नीचे फेंकने से हुई मौत, केस दर्ज
पांचों आरोपियों ने दोनों को घेरकर बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। जान बचाने के लिए अर्जुन सड़क की तरफ भागा, लेकिन हमलावरों ने खंदारी पुल तक उसका पीछा किया और उसे घेर लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसे पुल की रेलिंग से धक्का देकर सीधे नीचे नाले में फेंक दिया। गंभीर रूप से घायल रूपेन्द्र किसी तरह जान बचाकर भागे और परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद उन्हें मिलिट्री अस्पताल पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही गोराबाजार थाना प्रभारी संजीव त्रिपाठी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नाले में सर्च ऑपरेशन चलाकर अर्जुन का शव बरामद किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी, सीएसपी उदयभान बागरी और एफएसएल टीम ने मुआयना किया। पुलिस ने सिकंदर खटीक, हर्ष खटीक, इमरान, सोनू और मनीष के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(A), 103(1), 109(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
शहर से देहात तक पुलिस की बड़ी कॉम्बिंग गश्त, 225 वारंटी दबोचे गए
एसएसपी के निर्देश पर आधी रात को एक साथ निकलीं पुलिस टीमें, अपराधियों में हड़कंप
जबलपुर। जिले में कानून व्यवस्था को पुख्ता करने और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर शनिवार-रविवार की दरमियानी रात व्यापक स्तर पर कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया गया। जिले के समस्त शहरी और देहात थानों के बल ने एक साथ दबिश देकर वर्षों से फरार चल रहे अपराधियों और वारंटियों की धरपकड़ की। इस संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस ने 225 वारंट तामील कराने में बड़ी सफलता हासिल की है। अचानक हुई इस कार्रवाई से फरार अपराधियों और निगरानीशुदा बदमाशों में हड़कंप मच गया।
अफसरों की निगरानी में थानों का संयुक्त सर्च अभियान
यह विशेष अभियान 19 सितंबर की रात 9 बजे से शुरू होकर 20 सितंबर की तड़के 2 बजे तक लगातार 5 घंटे चला। अभियान की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध जितेन्द्र सिंह, जोन-2 की पल्लवी शुक्ला, जोन-4 की अंजना तिवारी, मुख्यालय एएसपी सूर्यकांत शर्मा और ट्रैफिक एएसपी अखिलेश तिवारी ने संभाली। इसके अलावा सभी सीएसपी, डीएसपी और एसडीओपी अपने-अपने क्षेत्रों में थानों के प्रभारियों और पुलिस बल के साथ मैदान में उतरे। प्रत्येक थाने में दो से तीन विशेष टीमें बनाई गई थीं, जिनका नेतृत्व थाना प्रभारी, उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक कर रहे थे। इन टीमों ने चिन्हित ठिकानों और बस्तियों में एक साथ दबिश दी।
110 स्थाई वारंट तामील, बस स्टैंड व स्टेशनों पर चेकिंग
कार्रवाई के दौरान टीमों ने वर्षों से तारीखों पर पेश न होने वाले 110 गैर म्यादी यानी स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया। साथ ही 66 गिरफ्तारी वारंट और 49 जमानती वारंट तामील कराए गए। लंबे समय से कानून से आंख-मिचौली खेल रहे इन बदमाशों को पकड़कर कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया की गई। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि जिले में आम जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और फरार अपराधियों पर यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी। गश्त के दौरान पुलिस टीमों ने रेलवे स्टेशन, मुख्य बस स्टैंड, मुसाफिरखानों और होटलों में संदिग्ध लोगों की जांच की। साथ ही देर रात सड़कों पर अकारण घूमने वाले संदिग्ध वाहनों और असामाजिक तत्वों से सघन पूछताछ कर तलाशी ली गई।
अस्पताल कर्मी का व्हाट्सएप हैक कर डायरेक्टर व साथी से 1.10 लाख की ठगी
विजयनगर क्षेत्र में एपीके लिंक भेजकर खाते से उड़ाई रकम, पुलिस जांच में जुटी
जबलपुर। शातिर साइबर ठगों ने अस्पताल के एक कर्मचारी का मोबाइल और व्हाट्सएप हैक कर उसके संपर्कों को चूना लगाने का नया तरीका अपनाया है। विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित स्वास्तिक अस्पताल के कर्मचारी का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर ठगों ने अस्पताल के डायरेक्टर और एक अन्य सहकर्मी को फर्जी लिंक भेजी। दोनों ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, उनके बैंक खातों से कुल 1 लाख 10 हजार रुपये पार हो गए। पीड़ितों की शिकायत पर विजयनगर पुलिस ने अज्ञात साइबर जालसाज के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
लिंक खोलते ही मोबाइल पर आया निकासी का मैसेज
विजयनगर की रामेश्वरम कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय अतुल कुमार स्वास्तिक अस्पताल में होम केयर मार्केटिंग का कार्य करते हैं। 4 सितंबर को दोपहर करीब 12:10 बजे अतुल के व्हाट्सएप पर अस्पताल के ही कर्मचारी दीपक सेन के नंबर से एक मैसेज और लिंक प्राप्त हुई। परिचित का नंबर होने के कारण अतुल को कोई संदेह नहीं हुआ और उन्होंने लिंक पर क्लिक कर दिया। लिंक ओपन होते ही उनके फोन पर बैंक से मैसेज आया, जिसे देखकर उनके होश उड़ गए। अतुल के बैंक खाते से 55 हजार रुपये कट चुके थे। अतुल ने तुरंत अस्पताल प्रबंधन और साथी कर्मियों को इसकी जानकारी दी।
डायरेक्टर के खाते से भी कटे 55 हजार रुपये, केस दर्ज
जांच में पता चला कि उसी दौरान स्वास्तिक अस्पताल के डायरेक्टर कृष्ण कुमार साहू के मोबाइल पर भी दीपक सेन के नंबर से वही संदेश और लिंक भेजी गई थी। डायरेक्टर कृष्ण कुमार साहू ने भी उस लिंक को क्लिक कर दिया, जिसके तुरंत बाद उनके खाते से भी ठीक 55 हजार रुपये गायब हो गए। दोनों पीड़ितों ने जब दीपक सेन से संपर्क किया तो दीपक ने बताया कि उसका व्हाट्सएप किसी ने हैक कर लिया है और वह खुद इसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है। अज्ञात जालसाज ने सुनियोजित तरीके से 1 लाख 10 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया। विजयनगर पुलिस ने अतुल कुमार की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
खदान में गाड़ियां लगवाने का झांसा देकर माइनिंग कारोबारी से 44 हजार की धोखाधड़ी
घमापुर इलाके में बालाजी ट्रांसपोर्टर बनकर फर्जी कॉलर ने लगाया ऑनलाइन चूना
जबलपुर। माइनिंग कारोबार से जुड़े व्यापारियों को शिकार बनाने वाला साइबर ठगी का एक नया मामला घमापुर थाना क्षेत्र में सामने आया है। खुद को प्रतिष्ठित ट्रांसपोर्टर बताकर एक शातिर ठग ने खदान में गाड़ियां लगाने का झांसा दिया और वाहन लोडिंग एडवांस के नाम पर कारोबारी से 44 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए। रकम ट्रांसफर होते ही आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। पीड़ित की रिपोर्ट पर घमापुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं में प्रकरण दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।
सस्ती गाड़ियों का लालच देकर भेजा फर्जी क्यूआर कोड
लालमाटी द्वारकानगर निवासी 30 वर्षीय दुर्गेश रजक माइनिंग कार्य से जुड़े हैं। 9 सितंबर को दोपहर करीब 12:51 बजे उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बालाजी ट्रांसपोर्टर का संचालक बताया और बड़ी खदानों में माल ढुलाई के लिए अपने वाहन लगाने का प्रस्ताव रखा। कॉलर ने बेहद विश्वासपात्र लहजे में बात करते हुए दुर्गेश को भरोसा दिला दिया कि वह एक वास्तविक ट्रांसपोर्टर है और उसके पास पर्याप्त वाहन उपलब्ध हैं। बातचीत तय होने के बाद कथित ट्रांसपोर्टर ने वाहन भेजने से पहले 70 प्रतिशत लोडिंग पेमेंट एडवांस के रूप में जमा करने की शर्त रखी।
रकम ट्रांसफर होते ही बंद हुआ आरोपी का मोबाइल
कॉलर के झांसे में आकर दुर्गेश एडवांस देने के लिए तैयार हो गए। इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर एक बैंक खाता विवरण भेजा, जिसमें सेंट्रल बैंक का खाता, आईएफएससी कोड, मोबाइल नंबर और खाताधारक का नाम सूर्यप्रताप सिंह दर्ज था। साथ ही आरोपी ने जल्द भुगतान के लिए पेटीएम स्कैनर भी भेजा। दुर्गेश ने बिना किसी पड़ताल के पेटीएम क्यूआर कोड स्कैन कर फोनपे के माध्यम से 44 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। भुगतान की पुष्टि होते ही आरोपी ने फोन काट दिया और उसका नंबर बंद आने लगा। कई दिनों तक संपर्क न होने पर दुर्गेश को धोखाधड़ी का अहसास हुआ। घमापुर पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध कायम कर बैंक खाते व मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
महिला का मोबाइल हैक कर फोनपे से उड़ाए 60 हजार 998 रुपये
ओमती थाना क्षेत्र में स्क्रीन लॉक और तकनीकी खराबी के बहाने बैंक खाता किया साफ
जबलपुर। डिजिटल तकनीक के इस दौर में साइबर अपराधियों ने मोबाइल को रिमोट एक्सेस पर लेकर खाते खाली करने की सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। ओमती थाना अंतर्गत रसल चौक के पास रहने वाली एक महिला का मोबाइल फोन अचानक असामान्य रूप से व्यवहार करने लगा और कुछ ही घंटों के भीतर अज्ञात व्यक्ति ने फोनपे के जरिए उनके बैंक खाते से करीब 61 हजार रुपये साफ कर दिए। पीड़िता की शिकायत पर ओमती थाना पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
स्क्रीन बंद रही और बैकग्राउंड में कट गए पैसे
सिल्वर ओक कंपाउंड रसल चौक ओमती निवासी 37 वर्षीय अनुराधा गुप्ता वीवो कंपनी का मोबाइल इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 14 सितंबर से उनके मोबाइल में तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं और फाइल मैनेजर एक्सेस नहीं हो रहा था। 16 सितंबर को दोपहर करीब 1 बजे से 2 बजे के बीच मोबाइल की स्क्रीन पूरी तरह फ्रीज हो गई और डिस्प्ले नहीं खुला। करीब 2 बजे जब फोन की स्क्रीन दोबारा चालू हुई, तो अनुराधा ने देखा कि मोबाइल पर फोनपे एप्लीकेशन पहले से खुली हुई थी। स्क्रीन ब्लॉक रहने के दौरान ही अज्ञात व्यक्ति फोन का पूरा सिस्टम नियंत्रित कर रहा था।
दो बार में ट्रांसफर हुई रकम, साइबर सेल को सौंपी जांच
अनुराधा का मोबाइल नंबर उनके बैंक ऑफ इंडिया के खाते से जुड़ा हुआ था और उसी से यूपीआई सक्रिय था। अनहोनी की आशंका होने पर जब उन्होंने फोनपे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री जांची तो उनके होश उड़ गए। ठीक दोपहर 1:37 बजे से 1:40 बजे के बीच मात्र तीन मिनट के भीतर दो अलग-अलग किस्तों में कुल 60 हजार 998 रुपये अज्ञात खाते में ट्रांसफर किए जा चुके थे। अज्ञात जालसाज ने तकनीकी तरीके से फोन का रिमोट एक्सेस हासिल कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। पीड़िता की तहरीर पर ओमती पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर लिया है और ट्रांजेक्शन आईडी के आधार पर आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
माढ़ोताल में अग्रवाल बंधु पेट्रोल पंप के गोदाम से कीमती सामान चोरी
कॉपर वायर, वेल्डिंग मशीन व पाइप ले उड़े अज्ञात चोर, तलाश में जुटी पुलिस
जबलपुर। माढ़ोताल थाना क्षेत्र में स्थित एक पेट्रोल पंप के खुले गोदाम को निशाना बनाते हुए अज्ञात चोरों ने हजारों रुपये के कीमती उपकरणों और धातुओं पर हाथ साफ कर दिया। पेट्रोल पंप परिसर के पिछले हिस्से में रखे कॉपर वायर, वेल्डिंग मशीन, एल्यूमिनियम पाइप और फेंसिंग वायर चोरी चले गए हैं। पंप के मैनेजर की शिकायत पर माढ़ोताल पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
सुबह गोदाम पहुंचे तो खाली मिला परिसर
करमेता निवासी 57 वर्षीय अनिल ठाकुर माढ़ोताल स्थित अग्रवाल पेट्रोल पंप में बतौर मैनेजर कार्यरत हैं। उन्होंने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 18 सितंबर की सुबह लगभग 11 बजे पेट्रोल पंप के संचालक राम नारायण अग्रवाल ने उन्हें फोन कर सूचना दी कि पंप परिसर के पिछले हिस्से में बने खुले गोदाम से निर्माण और मरम्मत से जुड़ा काफी सामान गायब है। मैनेजर अनिल ठाकुर तत्काल मौके पर पहुंचे और गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां रखा सामान बिखरा हुआ था और मुख्य सामग्री गायब थी।
25 हजार का माल पार, रात में वारदात की आशंका
जांच करने पर पता चला कि गोदाम से एल्यूमिनियम की फिटिंग पाइप, वेल्डिंग मशीन का भारी कॉपर तार, लोहे के बड़े एंगल और बाउंड्री पर लगने वाला फेंसिंग वायर पूरी तरह गायब था। चोरी गए सामान का कुल मूल्य लगभग 25 हजार रुपये आंका गया है। आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने देर रात सुनसान माहौल का फायदा उठाकर गोदाम की रेकी की और वाहन के जरिए सामान समेटकर फरार हो गए। मैनेजर की रिपोर्ट पर माढ़ोताल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के प्रतिष्ठानों में लगे कैमरों की फुटेज खंगाल कर चोरों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है।
शोभापुर ब्रिज के पास आयशर ने ऑटो को मारी जोरदार टक्कर, चालक घायल
टक्कर से पलटा ऑटो, नीचे दबा चालक, अधारताल पुलिस ने दर्ज किया मामला
जबलपुर। अधारताल थाना क्षेत्र अंतर्गत शोभापुर ब्रिज मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही का कहर देखने को मिला, जहां एक अनियंत्रित आयशर वाहन ने आगे चल रहे ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क पर पलट गया और चालक उसके नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की मदद से घायल को बाहर निकाला गया और उपचार के लिए भेजा गया। अधारताल पुलिस ने आरोपी वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
तेज रफ्तार भारी वाहन ने पीछे से मारी टक्कर
गोकलपुर निवासी 25 वर्षीय विभाष रैकवार ऑटो चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। 19 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे विभाष अपना ऑटो लेकर अधारताल से शोभापुर ब्रिज की तरफ जा रहा था। जब वह मुख्य मार्ग पर था, तभी पीछे से तेज गति से आ रहे टाटा आयशर वाहन क्रमांक MP 20 ZL के चालक ने बिना हार्न बजाए लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। अचानक लगे तेज झटके से ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
हादसे में आई गंभीर चोटें, वाहन चालक पर केस
ऑटो पलटने से चालक विभाष उसके नीचे दब गया और चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने दौड़कर ऑटो को सीधा किया और विभाष को मलबे से बाहर निकाला। इस दुर्घटना में विभाष के सिर, चेहरे, दोनों कंधों, बाएं पैर और दाहिनी जांघ में गंभीर चोटें आई हैं। टक्कर मारने के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से भागने में सफल रहा। घायल विभाष की शिकायत पर अधारताल थाना पुलिस ने आयशर वाहन चालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 एवं 125(A) के तहत लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज कर वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
