

जबलपुर। शहर के गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य मार्गों तक बिखरी गिट्टी, उखड़े डामर और जानलेवा गड्ढों के खिलाफ गुरुवार को मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस ने नगर निगम मुख्यालय में तीखा प्रदर्शन किया। प्रदेश सचिवद्वय सागर शुक्ला और अदनान अंसारी के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। काफी देर महापौर कक्ष के बाहर नारेबाजी करने के बाद भी जब कोई जिम्मेदार बाहर नहीं निकला, तब कार्यकर्ताओं ने एक साथी को महापौर का मुखौटा पहनाकर प्रदेश में सबसे खस्ताहाल सड़कों के लिए सांकेतिक प्रथम स्थान की ट्रॉफी और प्रमाण पत्र सौंपा। शहरवासियों को सुरक्षित आवागमन दिलाने की इस मुहिम में सागर शुक्ला, अदनान अंसारी, अमरीश मिश्रा सहित रिजवान अली कोटी, सोनू कुकरेल, बादल पंजवानी, प्रियंका केशरवानी, उवेश अंसारी, अभ्युत वाजपेयी, नितिन सिंह, सौरभ सिंह, प्रतीक गौतम, शफी खान, एजाज अंसारी, सक्षम दुबे, इमरान खान, अनुराग शुक्ला, शिशांत ठाकुर, शादाब खान, अंकित कोरी, अदील अहमद, अमित सिंह, मोहसिन खान, जमन अंसारी, मोहित प्यासी और ज़फ़र खान प्रमुखता से शामिल हुए।
सरकारी फाइलों की बाजीगरी पर जमीनी हकीकत का करारा तमाचा
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि दिया गया यह पदक कोई प्रशासनिक सम्मान नहीं, बल्कि चरमराई व्यवस्था पर जनता का व्यंग्य है। शहर विकास के दावे कागजी आंकड़ों तक सीमित रह गए हैं, जबकि असलियत राहगीर झेल रहे हैं। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहर को तीसरा स्थान मिलने के दावों को छलावा बताते हुए सवाल उठाया गया कि अगर स्थिति इतनी बेहतर है तो सड़कों पर धूल और जानलेवा गड्ढे क्यों फैले हैं।
गुणवत्ता सुधारने और जवाबदेही तय करने पर अड़ी कांग्रेस
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि सुरक्षित सफर नागरिकों का बुनियादी अधिकार है। निर्माण कार्यों में ठेकेदारों की मनमानी, निगरानी में लापरवाही और घटिया सामग्री का इस्तेमाल तुरंत बंद होना चाहिए। युवा कांग्रेस ने मांग रखी कि शहर भर की टूटी सड़कों की फौरन पैच-रिपेयरिंग कराई जाए, समयबद्धता के साथ नई सड़कों की गारंटी तय हो और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
