जबलपुर में सैकड़ों ट्रैक्टरों संग गरजे किसान, 15 सूत्रीय मांगों पर सौंपा ज्ञापन

Newzo
Newzo - News Editor 52 Views
4 Min Read

​सड़कों पर उतरे अन्नदाता, उठाई हक की आवाज

​जबलपुर । जिले के सैकड़ों किसानों ने अपनी गंभीर समस्याओं को लेकर ट्रैक्टर रैली निकालकर जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष रामदास पटेल के नेतृत्व में किसानों ने भावांतर योजना को नकारते हुए धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने की बात रखी। पटेल ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में मंडियां किसानों के शोषण का केंद्र बन चुकी हैं, इसलिए अन्नदाताओं को इनके भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। अपनी विभिन्न परेशानियों को रेखांकित करते हुए किसानों ने जिला कलेक्टर को 15 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस पत्र में मोदी की गारंटी के तहत धान 3100 और गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने, फसल भुगतान की देरी खत्म करने, बिजली आपूर्ति सुधारने, बीज कंपनियों की मनमानी रोकने और फर्जीवाड़े पर कड़ी कार्रवाई की पुरजोर मांग की।

मझौली तहसील में धान, गेहूं और मूंग की रुकी हुई राशि का तुरंत निपटारा करने की बात कही गई है। इसके साथ ही पनागर क्षेत्र के चंसोरिया, शुभी अक्षय और नर्मदा एग्रो वेयरहाउस के लंबित पड़े भुगतान को भी अविलंब किसानों के खातों में ट्रांसफर करने का आग्रह किया गया है। किसानों का कहना है कि उपज बेचने के लंबे समय बाद भी राशि न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बेहद बिगड़ रही है।

​उपज खरीदी के नियमों पर बात करते हुए किसानों ने प्रति एकड़ 25 क्विंटल की सीमा तय करने का प्रस्ताव रखा। मंडियों में सरकारी दर से नीचे बोली लगाने पर सख्त पाबंदी लगाने और खरीदी केंद्र वाले गोदामों को पहले खाली कराने की आवश्यकता जताई गई, जिससे भंडारण में कोई दिक्कत न आए।

​खेत खलिहान की रक्षा हेतु ठोस कदम जरूरी

​नकली और घटिया बीजों से हुए नुकसान पर गहरी चिंता जताई गई। बीएलबी तथा बीपीएच बीमारी से बचाव का दावा करने वाली हाइब्रिड कंपनियों के बीज पूरी तरह नाकाम रहे। ऐसे में इन बीज उत्पादक फर्मों पर उच्च स्तरीय जांच बैठाकर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। दूसरी ओर शहपुरा क्षेत्र में किसानों का माल खरीदकर गबन करने वाले धोखेबाज व्यापारियों को पुलिस तत्काल गिरफ्तार करे और डूबी हुई रकम वापस दिलाए।

​पर्यावरण और प्रशासनिक स्तर पर किसानों ने आग्रह किया कि जब तक पराली प्रबंधन के पुख्ता कृषि यंत्र उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक किसानों पर दर्ज होने वाली एफआईआर और कानूनी नोटिसों पर पूर्ण रोक लगे। राजस्व से जुड़े प्रकरणों को तय समय सीमा के भीतर निपटाने और किसान खेत सड़क योजना को धरातल पर उतारने की बात भी कही गई।

​मंडी में दलालों की घुसपैठ रोकने के लिए किसान पहचान पत्र और फोटो स्कैनिंग अनिवार्य की जाए, ताकि वास्तविक काश्तकार ही लाभ पा सकें। ऊर्जा संकट पर बोलते हुए मझौली के रानीताल कटाव सबस्टेशन का अधूरा निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने और दिन के समय लगातार 12 घंटे थ्री फेज बिजली देने की आवश्यकता जताई गई। सिहोरा क्षेत्र में लगातार जल रहे ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों को बदलकर क्षमता बढ़ाने की बात भी रखी गई।

Share This Article
error: This Content is protected !!