
डिंडौरी। नगर परिषद द्वारा संचालित रैन बसेरा में 7,967 रुपये के बिजली बिल का भुगतान न होने के कारण विद्युत वितरण कंपनी ने 27 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे कनेक्शन काट दिया था। इसके चलते पिछले 18 दिनों से यह आश्रय स्थल पूरी तरह अंधेरे में डूबा है। यहां व्यवस्था संभाल रहीं कर्मचारी शशि मरावी के अनुसार बिजली कटने की तत्काल सूचना जिम्मेदार अधिकारियों को दे दी गई थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी वेद प्रकाश पुरी गोस्वामी ने बकाया राशि का भुगतान कराकर शीघ्र विद्युत आपूर्ति बहाल कराने की बात कही है। इस रैन बसेरा में महिलाओं के लिए 9 और पुरुषों के लिए 14 पलंग की क्षमता मौजूद है।
अंधेरे की वजह से रुकने से कतराते मुसाफिर
आश्रय स्थल में प्रतिदिन औसतन 4 से 10 जरूरतमंद मुसाफिर रात बिताने के लिए पहुंचते हैं। विद्युत आपूर्ति ठप होने के बाद से परिसर में अंधेरा छाया रहता है, जिससे वहां आने वाले लोगों को किसी अनहोनी अथवा अप्रिय घटना की आशंका सताती है। सुरक्षित माहौल न मिल पाने के कारण राहगीर भीतर प्रवेश करने से हिचकते हैं और प्रबंधन भी अंधेरे में लोगों को ठहराने से डर रहा है। नतीजतन, जिस उद्देश्य के साथ यह केंद्र खोला गया था, वह पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
आश्वासन पर अटकी व्यवस्था, जल्द सुलझेगा बकाया मामला
विद्युत विच्छेदन के दिन से ही नगर परिषद प्रशासन को बिल जमा कराने के लिए कई बार अवगत कराया गया। विभागीय स्तर पर त्वरित भुगतान का भरोसा तो मिला, लेकिन प्रक्रिया आगे न बढ़ने से 18 दिन बीत गए। अब प्रशासनिक स्तर पर आश्वासन दिया गया है कि कोष से बकाया राशि का निपटारा होते ही कनेक्शन दोबारा जोड़ दिया जाएगा, जिससे शहर में आने वाले बेसहारा व मुसाफिरों को फिर से समुचित ठहराव मिल सकेगा।
